Samachar Post रिपोर्टर,धनबाद :झारखंड के धनबाद में मधुबन कोल प्रोजेक्ट को लेकर आयोजित जनसुनवाई के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। यह जनसुनवाई पर्यावरण स्वीकृति के लिए आयोजित की गई थी, लेकिन कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया। आसपास के सात गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और BCCL के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध कर रहे लोगों ने प्रोजेक्ट को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।
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“सिर्फ औपचारिकता है जनसुनवाई” – ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना था कि यह जनसुनवाई सिर्फ खानापूर्ति के लिए की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि BCCL ने पहले भी कई वादे किए लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया। साथ ही, ग्रामीणों ने मांग की कि जनसुनवाई प्रभावित गांवों में ही आयोजित होनी चाहिए थी, ताकि सभी लोग अपनी बात रख सकें।
कार्यक्रम में प्रशासन और कंपनी के अधिकारी रहे मौजूद
सामुदायिक भवन में आयोजित इस जनसुनवाई में जिला प्रशासन और BCCL के कई अधिकारी शामिल हुए। इसमें एसी विनोद कुमार, बाघमारा अंचल पदाधिकारी किरजा नंद किस्कू, बरोरा एरिया-1 के महाप्रबंधक के.के. सिंह और पीओ टी.एस. चौहान समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
प्रशासन का पक्ष: विरोध होना स्वाभाविक
प्रशासन की ओर से कहा गया कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में अलग-अलग राय होना सामान्य बात है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती विरोध के बाद ग्रामीणों ने प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी भी सुनी और समझी। जनसुनवाई के दौरान उठाए गए सभी मुद्दों और सुझावों को एक विस्तृत रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। यह रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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