बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला : सूर्या हांसदा एनकाउंटर की CBI जांच और नगड़ी की जमीन आदिवासियों को लौटाने की मांग

Rupa Kumari | August 25, 2025 | 02:05 PM IST
  • विधानसभा सत्र से पहले विपक्ष का बड़ा बयान

Samachar Post डेस्क, रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दो बड़े मुद्दों पर राज्य सरकार से जवाब मांगा और कहा कि सूर्या हांसदा की मौत की जांच केवल सीबीआई से होनी चाहिए तथा नगड़ी की 227 एकड़ जमीन आदिवासियों को वापस की जानी चाहिए।

सूर्या हांसदा की मौत पर उठाए सवाल

मरांडी ने कहा कि सूर्या हांसदा की मौत एक साधारण घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उनका दावा है कि 10 अगस्त को नावाडीह गांव से गिरफ्तारी के बाद उन्हें ललमटिया महगामा ले जाते समय मार दिया गया। शव की हालत देखकर साफ है कि सूर्या को थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया था। उन्होंने कहा कि सूर्या न केवल राजनीतिक रूप से सक्रिय थे, बल्कि समाज सेवा में भी लगे रहते थे। वे बोरियो विधानसभा सीट से चार बार चुनाव लड़ चुके थे और गरीब व अनाथ बच्चों की मदद करते थे।

राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि का जिक्र

मरांडी ने यह भी कहा कि सत्ताधारी दल सूर्या के खिलाफ दर्ज मामलों का हवाला देकर उन्हें बदनाम कर रहा है। हालांकि 24 मामलों में से 14 में वह बरी हो चुके थे। 2020 से 2025 के बीच उन पर नौ नए केस दर्ज किए गए, जिन्हें मरांडी ने पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सूर्या कोयला और बालू माफियाओं के खिलाफ खड़े थे और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया।

नगड़ी जमीन विवाद को लेकर भी हमलावर

मरांडी ने नगड़ी की जमीन पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह जमीन आदिवासियों की खेतीहर और भूईहरी जमीन है, जिसे सरकार जबरन अधिग्रहित करने की कोशिश कर रही है। 1956-57 में बिहार सरकार ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के लिए इसे लेने का प्रयास किया था, लेकिन किसानों के विरोध और तत्कालीन मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से अधिग्रहण रुक गया। 2012 में भी अधिग्रहण का प्रयास हुआ, मगर ग्रामीणों के विरोध के कारण सरकार को पीछे हटना पड़ा।

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सरकार से की स्पष्ट घोषणा की मांग

मरांडी ने कहा कि आरटीआई के तहत जब ग्रामीणों ने दस्तावेज मांगे तो बिरसा कृषि विश्वविद्यालय ने खुद माना कि उनके पास इस जमीन का कोई वैध अधिग्रहण दस्तावेज मौजूद नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार विधानसभा में साफ घोषणा करे कि नगड़ी की यह जमीन आदिवासियों से नहीं छीनी जाएगी और रैयतों की रसीद काटी जाएगी ताकि वे अपनी खेती जारी रख सकें।

सड़क से सदन तक लड़ाई का ऐलान

मरांडी ने साफ कहा कि सूर्या हांसदा एनकाउंटर और नगड़ी जमीन विवाद, दोनों ही झारखंड के आदिवासी समाज के हितों से जुड़े हैं। विपक्ष इन मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाता रहेगा और किसी भी कीमत पर आदिवासियों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।

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