पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण में बड़ा बदलाव, कोटा 17% से घटकर 7% हुआ

Rupa Kumari | May 20, 2026 | 05:29 PM IST

Samachar Post डेस्क, रांची: पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार को आरक्षण ढांचे में संशोधन करना पड़ा है। अब OBC आरक्षण 17% से घटाकर 7% कर दिया गया है।

अदालत के फैसले के बाद बदली व्यवस्था

हाईकोर्ट ने 2010 से 2012 के बीच OBC सूची में शामिल की गई कई जातियों के चयन को अवैध और असंवैधानिक बताया था। इसके बाद राज्य में नई सूची तैयार की गई, जिसमें अब केवल 66 जातियों को ही OBC आरक्षण का लाभ मिलेगा। इस फैसले के चलते 2010 के बाद जारी करीब 12 लाख OBC प्रमाणपत्र रद्द होने की बात भी सामने आई है।नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आरक्षण सूची से धर्म आधारित वर्गीकरण को पूरी तरह हटा दिया गया है। इससे पहले राज्य में OBC-A और OBC-B के फॉर्मूले के तहत आरक्षण दिया जाता था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है।

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ममता सरकार के फॉर्मूले में बदलाव

पहले राज्य में ममता बनर्जी सरकार ने OBC को OBC-A (10%) और OBC-B (7%) में बांटा था। इस व्यवस्था पर विपक्ष लंबे समय से सवाल उठाता रहा है और इसे “वोट बैंक राजनीति” से जोड़कर देखा जाता रहा है। नई सूची के अनुसार कई जातियां अब भी OBC श्रेणी में शामिल हैं, जबकि कुछ समुदाय आरक्षण के दायरे से बाहर हो गए हैं। सरकार का कहना है कि 2010 से पहले शामिल जातियों का दर्जा बरकरार रहेगा और पहले से मिले लाभ प्रभावित नहीं होंगे।

आगे क्या होगा?

राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि एक नई समीक्षा समिति बनाई जाएगी, जो पूरी OBC संरचना की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कुछ समुदायों को फिर से सूची में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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