सरयू राय ने मानगो पेयजल परियोजना की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग उठाई

Rupa Kumari | May 18, 2026 | 12:34 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची: सरयू राय ने मानगो पेयजल परियोजना की मौजूदा स्थिति को चिंताजनक बताते हुए मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति और परियोजना की अद्यतन स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि खामियों को दूर कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

जलापूर्ति व्यवस्था पर जताई चिंता

अपने पत्र में सरयू राय ने कहा कि नवंबर 2024 में दोबारा विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्होंने मानगो नगर निगम, तत्कालीन उपायुक्त, नगर विकास विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ कई बैठकें की थीं। इसके अलावा उन्होंने परियोजना क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच-छह वर्षों में परियोजना के लगभग सभी हिस्सों की हालत खराब हो चुकी है। इंटेकवेल से लेकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पानी टंकियों और लोगों के घरों तक जलापूर्ति व्यवस्था बेहद असंतोषजनक हो गई है।

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इंटेकवेल में जमा बालू बनी बड़ी समस्या

सरयू राय ने बताया कि इंटेकवेल में छह से आठ फीट तक बालू जमा हो गया है, जिससे मशीनों के संचालन पर असर पड़ रहा है। बालू हटाने के लिए उन्होंने विधायक निधि से राशि उपलब्ध कराई। इसके अलावा नदी के गंदे पानी को इंटेकवेल में जाने से रोकने के लिए दोनों ओर दीवार निर्माण हेतु भी विधायक निधि से धन आवंटित किया गया। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए विभिन्न क्षमता के मोटर पंप भी खरीदे गए, लेकिन इसके बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

कई इलाकों में सिर्फ कुछ मिनट मिल रहा पानी

विधायक ने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सभी क्षेत्रों में समानुपातिक जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर सहमति बनी थी, लेकिन मानगो नगर निगम द्वारा इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि कई इलाकों में लोगों को केवल पांच से दस मिनट तक ही पानी मिल रहा है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में रात 12 बजे से 2 बजे के बीच जलापूर्ति हो रही है। सरयू राय ने इस स्थिति को चिंताजनक और हास्यास्पद बताया।

निगम प्रशासन से मांगी वास्तविक रिपोर्ट

सरयू राय ने कहा कि नगर निगम चुनाव के बाद चुने गए जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मुद्दे पर अलग-अलग बयान दिए जा रहे हैं। ऐसे में निगम प्रशासन को पेयजल परियोजना और जलापूर्ति व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि समस्याओं की सही पहचान कर स्थायी समाधान निकाला जा सके।

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