Samachar Post डेस्क, रांची : NEET पेपर लीक मामले को लेकर संसद में विपक्ष का विरोध लगातार जारी है। शुक्रवार को भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई गई।
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प्रधानमंत्री से सदन में जवाब की मांग
विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक रोकने के लिए कड़ा कानून लाने का आश्वासन दिया है, लेकिन केवल बयान या वीडियो संदेश पर्याप्त नहीं है। विपक्ष की मांग है कि प्रधानमंत्री स्वयं संसद में उपस्थित होकर NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और छात्रों के आंदोलन पर जवाब दें। प्रधानमंत्री ने गुरुवार देर रात आश्वासन दिया था कि पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा और उसे संसद में भी पेश किया जाएगा। हालांकि विपक्ष का कहना है कि इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
पवन खेड़ा का सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं का आक्रोश केवल आश्वासनों से समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि छात्र सड़कों पर हैं और उनकी समस्याओं का समाधान ठोस कदमों से होना चाहिए।

सोनम वांगचुक ने 25वें दिन समाप्त किया अनशन
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 25 दिन लंबा अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सहित अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने उपवास तोड़ा। बताया गया कि उन्होंने इस शर्त पर अनशन समाप्त किया कि 20 जुलाई की घटना से जुड़े प्रदर्शनकारियों पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों का आंदोलन जारी
वहीं, आंदोलन से जुड़े छात्र संगठनों ने कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उनकी प्रमुख मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। आंदोलन को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे वार्ता होने की संभावना भी जताई जा रही है।

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