गिरिडीह तक पहुंची CID की कार्रवाई, JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले को लेकर 2 लोगों से पूछताछ

Samachar Post रिपोर्टर, गिरिडीह : JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच कर रही CID की कार्रवाई अब गिरिडीह तक पहुंच गई है। जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। इनमें एक संदिग्ध गिरिडीह का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अभी तक संदिग्धों की भूमिका को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, CID ने कोडरमा से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इनमें गिरिडीह का एक व्यक्ति भी शामिल है। वहीं, शुक्रवार को बेंगाबाद क्षेत्र के चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। CID की इस कार्रवाई के बाद गिरिडीह में नियुक्ति घोटाले की जांच को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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परीक्षा में सेटिंग और फर्जीवाड़े के सुराग

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान CID को परीक्षा में कथित सेटिंग और फर्जीवाड़े से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले हैं। इसी आधार पर गिरिडीह से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में यह आरोप सामने आया है कि परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े के जरिए कुछ अभ्यर्थियों को सरकारी पदों पर चयनित कराने की कोशिश की गई। मामले की जांच के दौरान अभय तिवारी का नाम भी सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अभय तिवारी के ससुर विकास पांडेय गिरिडीह के रहने वाले बताए जाते हैं। CID वर्ष 2010 के आसपास परीक्षा से जुड़े लोगों के संपर्क, कथित फर्जीवाड़े और अभ्यर्थियों से पैसे लिए जाने के आरोपों की भी जांच कर रही है। एजेंसी अब इन कड़ियों को जोड़कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।

सिंडिकेट के नेटवर्क का पता लगा रही CID

CID की जांच का फोकस सिर्फ गिरिडीह तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित सिंडिकेट का नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच एजेंसी संदिग्धों से पूछताछ के जरिए परीक्षा में कथित गड़बड़ी, अभ्यर्थियों से संपर्क और पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे और लोगों की भूमिका की जांच की जा सकती है। फिलहाल CID की कार्रवाई जारी है और जांच एजेंसी की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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