Samachar Post रिपोर्टर, रांची : JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों पर किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे। छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार के साथ होने वाली बातचीत बंद कमरे या गुप्त तरीके से नहीं, बल्कि खुले मंच पर और पारदर्शी ढंग से होगी।
सरकार के प्रस्ताव पर बातचीत को तैयार
छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से एसडीओ के माध्यम से वार्ता का प्रस्ताव मिला है। उनका कहना है कि समस्याओं का समाधान बातचीत से ही निकल सकता है, इसलिए छात्र प्रतिनिधिमंडल सरकार के समक्ष अपनी बात रखने जाएगा। उन्होंने कहा, हम मजबूरी में नहीं, बल्कि मजबूती से बातचीत करेंगे। अपनी मांगों को पूरी दृढ़ता से रखेंगे और किसी भी मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे। कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का पूर्व घोषित कार्यक्रम यथावत रहेगा।

25 दिनों से जारी है आंदोलन
रांची के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगभग 25 दिनों से जारी है। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें हैं। JSSC-CGL परीक्षा रद्द की जाए। कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में व्यापक सुधार किए जाएं।
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सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि JSSC-CGL से जुड़े कई मामले न्यायालय में लंबित हैं, इसलिए इस विषय में तत्काल निर्णय लेने की कानूनी सीमाएं हैं। हालांकि, छात्र संगठनों और सरकार के बीच संवाद की प्रक्रिया जारी है। अब निगाहें सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी हैं, क्योंकि उसके परिणाम से आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

