राज्यसभा में उठा झारखंड के पेयजल का मुद्दा, डॉ. प्रदीप वर्मा ने सरकार से मांगे जवाब

Meenu | March 30, 2026 | 04:46 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर मामला अब संसद तक पहुंच गया है। राज्यसभा में सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने इस अहम मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से राज्य में पानी की गुणवत्ता और उसकी निगरानी को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल किए। डॉ. वर्मा ने समग्र प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) के जरिए पानी की गुणवत्ता की निगरानी पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या झारखंड में पेयजल की गुणवत्ता को रियल टाइम डेटा के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है और यह सिस्टम कितना प्रभावी है।

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गांव स्तर पर जांच कितनी कारगर?

सांसद ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की जांच व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने जानना चाहा कि गांव स्तर पर बनाए गए सिस्टम से आम लोगों को कितना लाभ मिल रहा है और क्या इससे सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता में सुधार हुआ है। पेयजल की गुणवत्ता सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी है। इस पर चिंता जताते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

पारदर्शिता और सुधार की जरूरत

डॉ. वर्मा ने जल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि रियल टाइम डेटा के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। यह मुद्दा केवल एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि झारखंड में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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