एसएसपी राकेश रंजन की पहल से गांवों में बढ़ा भरोसा, पुलिस- जनता की दूरी घटी

Meenu | November 22, 2025 | 10:40 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची :रांची में सोशल पुलिसिंग को नई दिशा देने की एसएसपी राकेश रंजन की पहल अब जमीन पर असर दिखा रही है। बेड़ों, लापुंग, इटकी और नरकोपी थाना क्षेत्रों में चलाए गए जागरूकता अभियान ने ग्रामीणों के बीच पुलिस की नई, भरोसेमंद छवि तैयार की है। गांवों के लोग खुलकर कह रहे हैं कि पहली बार पुलिस हमारी जरूरतों को इतने करीब से समझ रही है।

यह भी पढ़ें :झारखंड में ठंड से मिली राहत, 23 नवंबर के बाद फिर बढ़ेगी सर्दी

एसएसपी की सक्रिय मॉनिटरिंग से बढ़ी अभियान की रफ्तार

एसएसपी राकेश रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि पुलिस की भूमिका केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए समाज के साथ संवाद और विश्वास बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच पर चलते हुए थाना स्तर की टीमों ने पंचायतों में जाकर लोगों से सीधे बातचीत की। अधिकारियों का कहना है कि एसएसपी की निरंतर मॉनिटरिंग ही अभियान की असली ताकत रही।

पंचायतों में बैठकें और खेल गतिविधियों से बेहतर जुड़ाव

पुलिस ने चारों थाना क्षेत्रों में नुक्कड़ बैठकें आयोजित कीं और युवाओं को जोड़ने के लिए फुटबॉल टूर्नामेंट कराया। ग्रामीणों का कहना है कि खेल और सुरक्षा को साथ लेकर चलने की यह पहल युवाओं में पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच ला रही है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर

अभियान के दौरान महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराध, छेड़खानी, साइबर फ्रॉड और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। टीमों ने बताया कि यह फोकस एसएसपी राकेश रंजन की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें सुरक्षा जागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

नशा मुक्ति और ट्रैफिक जागरूकता भी बना एजेंडा

नशे के दुष्परिणाम, सड़क सुरक्षा और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल से होने वाले खतरों को भी सरल भाषा में समझाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार उन्हें इतने स्पष्ट और सहज तरीके से जरूरी कानून व सुरक्षा नियम समझाए गए।कार्यक्रम के अंत में युवाओं को लक्ष्य तय करने, मेहनत और धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह भी एसएसपी की सोच का हिस्सा हैकि युवा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ें और समाज में सुरक्षा की भावना मजबूत हो।

हेल्पलाइन नंबर देकर बनाया भरोसे का पुल

पुलिस टीम ने डायल 112, डायल 100 और साइबर शिकायत के लिए डायल 1930 जैसे प्रमुख हेल्पलाइन नंबर साझा किए। कई लोगों ने बताया कि यह जानकारी पहले उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं थी। उन्होंने इस पहल को जारी रखने की मांग की।

Share this news

संबंधित खबरें