CM नीतीश आज राज्यपाल को सौंपेंगे इस्तीफा, 19 नवंबर को होगी नई सरकार की शपथ

Samachar Post डेस्क, बिहार : बिहार में नई सरकार गठन की प्रक्रिया आज से औपचारिक रूप से शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार सुबह 11:30 बजे मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इस बैठक में मंत्रिपरिषद भंग करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई जाएगी। प्रस्ताव पास होते ही वर्तमान कैबिनेट स्वतः समाप्त हो जाएगी और सभी मंत्री पूर्व मंत्री की श्रेणी में आ जाएंगे। बैठक में हमेशा की तरह CM के नेतृत्व के प्रति आभार प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा।

राज्यपाल को सौंपेंगे इस्तीफा

कैबिनेट बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद CM नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इस्तीफा स्वीकार होते ही वर्तमान सरकार औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगी और नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद नीतीश कुमार वापस मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे, जहां एनडीए विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में सभी नवनिर्वाचित एनडीए विधायक हिस्सा लेंगे और विधायक दल का नेता चुना जाएगा। परंपरा के अनुसार, नीतीश कुमार का दोबारा नेता चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।

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नई सरकार बनाने का दावा उसी शाम

विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार उसी शाम राज्यपाल के सामने नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। चूंकि विधानसभा चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला है, इसलिए सरकार गठन में किसी भी प्रकार की अड़चन की उम्मीद नहीं है। दावा पेश होने के बाद राजभवन शपथग्रहण की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा करेगा।

19 नवंबर को गांधी मैदान में शपथग्रहण

इस बार शपथग्रहण समारोह 19 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा। प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, और कई राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना है। गांधी मैदान में बड़े मंच, वीवीआईपी प्रवेश द्वार, सुरक्षा व्यवस्था, मीडिया गैलरी और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

गांधी मैदान में तीसरी बार शपथ

नीतीश कुमार इससे पहले 2005 और 2015 में भी गांधी मैदान में ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। इस बार भी जनता की सहभागिता बढ़ाने और बड़े जनादेश का सम्मान करने के लिए इसी मैदान को चुना गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 19 नवंबर का शपथग्रहण केवल नई सरकार की शुरुआत नहीं, बल्कि बिहार की नई राजनीतिक दिशा का संकेत भी होगा। एनडीए की पूर्ण बहुमत वाली सरकार से विकास, प्रशासनिक स्थिरता और सुशासन को लेकर लोगों में बड़ी उम्मीदें हैं।

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