- झारखंड स्थापना दिवस पर लालू प्रसाद यादव के योगदान का स्मरण
Samachar Post डेस्क, रांची : प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि झारखंड अपने 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के गठन और नामकरण में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ऐतिहासिक भूमिका को याद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “लालू प्रसाद यादव का योगदान झारखंड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाना चाहिए।
1995 में झारखंड स्वायत्त परिषद का गठन था निर्णायक कदम
कैलाश यादव ने बताया कि वर्ष 1995 में लालू प्रसाद यादव, एकीकृत बिहार के मुख्यमंत्री रहते हुए, झारखंड स्वायत्त परिषद (JAC) का गठन किया था और शिबू सोरेन को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया था। यह कदम झारखंड आंदोलन के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने उस समय झारखंड को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग का समर्थन किया था, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) “झारखंड” नाम के खिलाफ थी और ‘वनांचल’ नाम का समर्थन कर रही थी।
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शिबू सोरेन की भूमिका और राज्य गठन का मार्ग
राजद प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता शिबू सोरेन ने झारखंड स्वायत्त परिषद के अध्यक्ष के रूप में अलग राज्य की दिशा में अहम योगदान दिया। अंततः 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य का गठन हुआ।
लालू प्रसाद : सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के प्रतीक
कैलाश यादव ने कहा कि लालू प्रसाद यादव सदैव सामाजिक न्याय, दलित-पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के उत्थान के लिए संघर्षरत रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लालू यादव को उस समय आशंका थी कि राज्य बनने के बाद केंद्र की एनडीए सरकार आदिवासी और कमजोर वर्गों के साथ भेदभाव कर सकती है और पिछले 25 वर्षों में हुई राजनीतिक उथल-पुथल ने उनकी चिंता को सही साबित किया।
राबड़ी देवी के कार्यकाल में बना “झारखंड” राज्य
कैलाश यादव ने बताया कि भाजपा ने कभी भी “झारखंड” नामकरण का समर्थन नहीं किया था। राज्य का गठन तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कार्यकाल में “झारखंड” नाम से हुआ था।
लालू-शिबू की जोड़ी ने आंदोलन को दी मजबूती
अंत में कैलाश यादव ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने शिबू सोरेन के साथ मिलकर झारखंड आंदोलन को नई दिशा और मजबूती दी। उन्होंने कहा, स्थापना दिवस पर राज्य सरकार को लालू प्रसाद यादव के ऐतिहासिक योगदान को सम्मानपूर्वक याद करना चाहिए, क्योंकि झारखंड के इतिहास में उनकी भूमिका सदैव स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगी।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।