Samachar Post डेस्क, रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे झारखंड स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (झालसा) द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार करें ताकि सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों को रोका जा सके।
कोर्ट में हुई जनहित याचिका पर सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। यह जनहित याचिका राज्य में महिलाओं और नाबालिगों के साथ बढ़ती दुष्कर्म और प्रताड़ना की घटनाओं को रोकने से जुड़ी है। झालसा की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वर्ष 2024 में उसने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस सुझाव दिए थे, जिन पर अब तक राज्य सरकार ने अमल नहीं किया है। कोर्ट ने कहा कि इन सुझावों पर मुख्य सचिव को प्राथमिकता के साथ विचार करना चाहिए।
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स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी फटकार
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने रांची के सरकारी और निजी स्कूलों की 25 सूत्री सुरक्षा चेकलिस्ट का एक टेबुलर चार्ट कोर्ट में प्रस्तुत किया। हालांकि कोर्ट ने इस चार्ट को “अव्यवस्थित और अस्पष्ट” बताया। खंडपीठ ने निर्देश दिया कि सरकार हर स्कूल का अलग-अलग टेबुलर चार्ट तैयार कर यह स्पष्ट करे कि किन स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और किनमें अब भी कमी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन स्कूलों ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया है, उन पर विशेष निगरानी रखी जाए।
याचिकाकर्ता की आपत्ति
जनहित याचिका दाखिल करने वाली अधिवक्ता भारती कुमारी ने बताया कि सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट अधूरी और अस्पष्ट है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों की सूचनाओं को मिलाकर पेश कर दिया गया है, जिससे यह पता लगाना मुश्किल है कि कौन-से स्कूल सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे।
अगली सुनवाई 3 दिसंबर को
कोर्ट ने सरकार को सुधारित रिपोर्ट 3 दिसंबर तक पेश करने का निर्देश दिया है। बता दें कि पूर्व में भी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि सभी सरकारी और निजी बालिका स्कूलों से 25 बिंदुओं की सुरक्षा चेकलिस्ट भरवाकर उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए। अदालत ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।