Samachar Post रिपोर्टर, दुमका: झारखंड में एक बार फिर अंधविश्वास ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। दुमका जिले के गोपीकांदर थाना क्षेत्र में एक बेटे ने अपनी ही मां की डायन-बिसाही के शक में चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी बेटे रामजन हेम्ब्रम (41 वर्ष) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
डायन के शक में मां की जान ली
तीन दिन पहले गोपीकांदर थाना के दीघा गांव में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर चाकू से हमला किया गया था। घायल महिला अपनी बेटी के ससुराल में रह रही थी। इलाज के दौरान रांची के फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रविवार रात उसकी मौत हो गई। मृतका की बेटी ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि हमलावर कोई और नहीं बल्कि उसका भाई रामजन हेम्ब्रम ही था, जिसने डायन-बिसाही के शक में मां पर हमला किया।
बेटी की मौत के बाद बढ़ा शक
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी की 18 वर्षीय बेटी की कुछ महीने पहले बीमारी से मौत हो गई थी। बीमारी के दौरान लड़की अक्सर कहती थी कि “मेरी दादी ने मुझ पर जादू किया है।बेटी की मौत के बाद रामजन के मन में यह शंका घर कर गई कि उसकी मां ने ही टोना-टोटका कर उसकी बेटी की जान ली है। थाना प्रभारी सुमित भगत ने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार अपनी मां पर जानलेवा हमला कर चुका था। इसी डर से महिला अपने गांव मधुबन छोड़कर बेटी के ससुराल दीघा गांव में रहने लगी थी।
शराब के नशे में दिया वारदात को अंजाम
घटना के दिन रामजन ने खूब शराब पी रखी थी। नशे में धुत होकर वह 15 किलोमीटर दूर दीघा गांव पहुंचा और मां पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मां को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से खून से सना चाकू और कपड़ा बरामद किया है।आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अंधविश्वास ने छीनी मां की जान- थाना प्रभारी
गोपीकांदर थाना प्रभारी सुमित भगत ने कहा, यह घटना अंधविश्वास और सामाजिक जागरूकता की कमी का नतीजा है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हथियार भी जब्त किए गए हैं।
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