Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड आंदोलन के शहीद अजित महतो और धनंजय महतो के बलिदान को याद करते हुए भाजपा नेता हरेलाल महतो ने बुधवार को विशाल बाइक रैली निकाली। तिरुलडीह गोलीकांड के शहादत दिवस पर आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिवारों को सरकारी नौकरी व उचित सम्मान देने की मांग उठाई गई।
कुरली से शुरू होकर सिरुम शहीद चौक पर संपन्न हुई रैली
बाइक रैली की शुरुआत चांडिल के कुरली से हुई। इसके बाद रैली चौका मोड़, चोगा और आदारडीह होते हुए तिरुलडीह स्थित शहीद स्थल पहुंची। यहां शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद रैली कुकड़ू प्रखंड मुख्यालय पहुंची और अंत में सिरुम शहीद चौक पर संपन्न हुई। इस दौरान शहीद धनंजय महतो की पत्नी बारी देवी और उनके बेटे उपेन महतो भी मौजूद रहे। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तिरुलडीह शहीद चौक पर शहीद अजित महतो और धनंजय महतो की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। रैली के दौरान ‘शहीद अजित-धनंजय महतो अमर रहें’, ‘झारखंड के तमाम शहीद अमर रहें’ और ‘जय झारखंड’ के नारों से क्षेत्र गूंज उठा।
शहीद परिवारों को सरकारी नौकरी देने की मांग
शहादत दिवस के अवसर पर भाजपा नेता हरेलाल महतो ने शहीद परिवारों को सरकारी नौकरी और उचित सम्मान नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शहीद परिवारों को नौकरी देने के कई आश्वासन दिए गए, लेकिन 44 साल बीतने के बाद भी वादे पूरे नहीं हुए। हरेलाल महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले शहीदों के परिवारों को सम्मान और सरकारी सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने निजी खर्च से शहीद धनंजय महतो के परिवार के लिए पक्का मकान बनवाया है। उन्होंने परिवार की मदद के लिए आगे भी हरसंभव प्रयास करने की बात कही।
भाजपा-एनडीए की सरकार बनने पर सम्मान दिलाने का ऐलान
हरेलाल महतो ने घोषणा की कि भविष्य में भाजपा-एनडीए गठबंधन की सरकार बनने पर शहीद अजित महतो और धनंजय महतो के परिवारों के साथ-साथ तिरुलडीह गोलीकांड में घायल हुए और जेल गए आंदोलनकारियों को भी व्यापक स्तर पर सम्मान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शहीदों के बलिदान और आंदोलनकारियों के संघर्ष को झारखंड के इतिहास की अमूल्य धरोहर बताया।शहादत दिवस पर आयोजित बाइक रैली और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के जरिए शहीदों के योगदान को याद किया गया। साथ ही उनके परिजनों के सम्मान, सरकारी सहायता और रोजगार से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।






















