Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की फील्ड वर्कर परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर संताली भाषा के अभ्यर्थियों ने विरोध जताया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा में निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर के सवाल पूछे गए। इसके अलावा साहित्य से जुड़े प्रश्नों में भी कथित त्रुटियों को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है। अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
अभ्यर्थियों के अनुसार, इस मामले को लेकर उन्होंने पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी। छात्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम तय किया था। शुक्रवार को छात्र रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के पास जुटे और अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाईं। अभ्यर्थियों ने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजन की मांग
संताली भाषा के अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि फील्ड वर्कर परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से आयोजित किया जाए। उन्होंने आगामी परीक्षाओं में निर्धारित पाठ्यक्रम का सख्ती से पालन करने और संताली भाषा से जुड़े प्रश्नों की शुद्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि संताली भाषी छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और भविष्य में ऐसी कथित अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने संताली भाषा के संरक्षण और विकास को प्राथमिकता देने की भी मांग की। फिलहाल, अभ्यर्थियों के आरोपों और परीक्षा दोबारा कराने की मांग के बीच परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता का मुद्दा चर्चा में है।



















