Samachar Post रिपोर्टर, गुमला : गुमला सदर अस्पताल परिसर स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज के हॉस्टल और कैंटीन का शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की। साथ ही, छात्राओं को सुरक्षित खानपान, पोषण और खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के बारे में जागरूक किया गया। अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर और आशा राज ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने कैंटीन संचालक और कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।
कैंटीन में साफ-सफाई और स्वच्छता पर जोर
निरीक्षण के दौरान टीम ने हॉस्टल और कैंटीन परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि खाना बनाने और परोसने के दौरान सभी कर्मचारी एप्रन, दस्ताने और सिर ढकने के लिए हेडगियर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल कराने, रसोई कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस जांच सुनिश्चित करने और पीने के पानी की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
छात्राओं को सुरक्षित खानपान और मिलावट की पहचान की जानकारी
निरीक्षण के बाद छात्राओं के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने उन्हें पौष्टिक भोजन के महत्व और खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर बने हरे और भूरे रंग के चिह्नों के जरिए शाकाहारी और मांसाहारी उत्पादों की पहचान समझाई गई। छात्राओं को फोर्टिफाइड फूड में मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व और पैकेट पर अंकित ‘+F’ चिह्न के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही ताजे अंडे की पहचान, हल्दी में रंग की मिलावट, खाद्य पदार्थों में औद्योगिक रंगों के इस्तेमाल और दूध व दुग्ध उत्पादों में स्टार्च की मिलावट की पहचान करने के तरीके समझाए गए।
मिलावट की शिकायत के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का इस्तेमाल करने की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं और आम नागरिकों से अपील की कि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट, गुणवत्ता में कमी या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा गुमला स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय में सीधे संपर्क कर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि शिकायतों पर संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






















