Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक अज्ञात मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया है। मरीज के मस्तिष्क में गंभीर चोट और रक्तस्राव की स्थिति को देखते हुए न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी का फैसला लिया। फिलहाल मरीज का इलाज जारी है और चिकित्सकों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मरीज की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। रिम्स प्रशासन और संबंधित टीम उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
6 अक्टूबर को रिम्स में भर्ती हुआ था मरीज
रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिशिर महतो के मुताबिक, सड़क दुर्घटना के बाद एक व्यक्ति घायल मरीज को 6 अक्टूबर 2026 को अस्पताल लेकर पहुंचा था। जांच के दौरान मरीज के मस्तिष्क के दाहिने टेम्पोरो-पैराइटल हिस्से में एक्यूट सबड्यूरल हेमेटोमा और मिडलाइन शिफ्ट की स्थिति सामने आई। एक्यूट सबड्यूरल हेमेटोमा में मस्तिष्क और उसकी बाहरी सुरक्षात्मक झिल्ली के बीच रक्त जमा हो जाता है। इससे मस्तिष्क पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, मिडलाइन शिफ्ट मस्तिष्क पर बढ़ते दबाव के कारण उसकी सामान्य मध्य स्थिति में बदलाव को दर्शाता है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की जरूरत पड़ सकती है।

न्यूरोसर्जरी टीम ने 7 अक्टूबर को की सर्जरी
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए रिम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम ने 7 अक्टूबर 2026 को राइट फ्रंटो-टेम्पोरो-पैराइटल डीकंप्रेसिव क्रेनिएक्टॉमी की। इस सर्जरी में मस्तिष्क पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए खोपड़ी की हड्डी का एक हिस्सा अस्थायी रूप से हटाया जाता है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान निकाले गए हड्डी के हिस्से यानी बोन फ्लैप को मरीज के पेट की सामने वाली दीवार के नीचे सुरक्षित रखा गया है। मरीज की स्थिति में सुधार और आगे की चिकित्सकीय जरूरतों के अनुसार उपचार की अगली प्रक्रिया तय की जाएगी।
अज्ञात मरीज की पहचान और परिजनों की तलाश जारी
रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिशिर महतो ने बताया कि घायल मरीज को सड़क दुर्घटना के बाद एक व्यक्ति अस्पताल लेकर आया था। फिलहाल उसकी पहचान और परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मरीज का न्यूरोसर्जरी विभाग में उपचार जारी है। चिकित्सकों की टीम उसकी स्थिति पर नजर रख रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से पहचान संबंधी जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मरीज के परिजनों तक पहुंचा जा सके।



















