Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मतदाता सूची और Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और इससे योग्य मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। अंसारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग भी की है।
गरीब, दलित, आदिवासी और मुस्लिम मतदाताओं का नाम हटाने का लगाया आरोप
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है और उसकी जिम्मेदारी योग्य नागरिकों के मताधिकार की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में गरीब, दलित, आदिवासी और मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम प्रभावित हो रहे हैं। अंसारी ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों की जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
बिहार और पश्चिम बंगाल में भी उठाए सवाल
मंत्री ने बिहार और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बिहार में हुए चुनावों को लेकर दोबारा चुनाव कराने की मांग की। वहीं, पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। अंसारी ने कहा कि 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले सभी पात्र युवाओं को मतदाता के रूप में पंजीकरण का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई योग्य मतदाताओं के नाम प्रभावित हो रहे हैं।
लोगों से वोटर लिस्ट में नाम जांचने की अपील
डॉ. इरफान अंसारी ने लोगों से अपनी मतदाता सूची में नाम की स्थिति जांचने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए। मंत्री के ये सभी आरोप और मांगें उनके सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित चुनावी रिकॉर्ड और सक्षम प्राधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
















