भरत तिवारी की मौत के बाद पहली बार घर पहुंचे डीएम-एसपी, परिवार को मांगों पर मिला आश्वासन

Samachar Post डेस्क, बिहार : 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत के बाद चर्चा में आए भोजपुर के बिलौटी गांव में शनिवार को डीएम मनीष कुमार मीना और एसपी अभिषेक दीक्षित पहली बार उनके पैतृक घर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने करीब आधे घंटे तक भरत तिवारी के माता-पिता और परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान परिजनों ने भरत तिवारी की मौत के मामले में न्याय, उनकी याद में स्मारक बनाने और घर व आसपास के इलाके में मिट्टी भराई कराने की मांग रखी। मामले की जांच के लिए पहले ही न्यायिक जांच आयोग का गठन किया जा चुका है।

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गंगा कटान से विस्थापित परिवारों की समस्याएं भी उठीं

परिजनों ने गंगा कटान से प्रभावित बिलौटी के विस्थापित परिवारों की समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखा। परिवार का कहना है कि कई बाढ़ प्रभावित परिवार अब तक सरकारी सहायता की सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। विस्थापित इलाके में घर, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी अधिकारियों के सामने रखा गया। डीएम ने भरोसा दिलाया कि पानी कम होने के बाद मिट्टी भराई, पक्की सड़क और आवास सहायता की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने एसडीएम और सीओ को संबंधित कागजी प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

घर पर पुलिस गार्ड तैनात, सोशल मीडिया शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश

परिवार की सुरक्षा को देखते हुए भरत तिवारी के घर पर पुलिस गार्ड तैनात किया गया है। परिजनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बदनाम और परेशान किए जाने की शिकायत भी अधिकारियों से की। इस शिकायत पर शाहपुर थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने भरत तिवारी के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी और अन्य सरकारी सहायता की प्रक्रिया को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने का भी भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री ने नौकरी और आर्थिक सहायता का किया था ऐलान

भरत तिवारी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से भी मदद की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के साथ आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। डीएम और एसपी के गांव पहुंचने के बाद परिजनों को प्रशासन की ओर से उनकी मांगों और समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा मिला है।

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