झारखंड में लोड शेडिंग और लो वोल्टेज से मिलेगी निजात, बनेंगे 405 नए पावर सब स्टेशन

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 405 नए पावर सब स्टेशन बनाए जाएंगे। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य में बिजली की गुणवत्ता सुधारने और आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए इन सब स्टेशनों की जरूरत चिन्हित की है। नए पावर सब स्टेशन बनने से शहरी और ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज, वोल्टेज ड्रॉप और बिजली आपूर्ति बहाल करने में होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही बिजली के लोड को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटने से मौजूदा वितरण नेटवर्क पर दबाव भी कम होने की उम्मीद है।

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शहरी क्षेत्रों में 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में होगी बिजली आपूर्ति

नई व्यवस्था के तहत शहरी इलाकों में एक पावर सब स्टेशन से करीब 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में 33/11 केवी लाइन के जरिए बिजली आपूर्ति की जाएगी। इससे लंबी दूरी तक बिजली पहुंचाने की जरूरत कम होगी। कम दूरी में बिजली आपूर्ति होने से फीडरों पर पड़ने वाला दबाव घटेगा और वोल्टेज में होने वाले उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसका सीधा फायदा बिजली उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है।

गांवों में 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में लाइन

JBVNL की योजना ग्रामीण इलाकों में भी बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत करने की है। निगम के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में 33/11 केवी लाइन के लिए नए पावर सब स्टेशनों की जरूरत है। नए सब स्टेशन बनने से दूरदराज के गांवों तक बिजली पहुंचाने में होने वाली तकनीकी परेशानियां कम हो सकती हैं। साथ ही लंबी दूरी की बिजली लाइनों पर निर्भरता घटने से आपूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।

लो वोल्टेज और वोल्टेज ड्रॉप की समस्या होगी कम

नए पावर सब स्टेशनों के निर्माण से बिजली वितरण नेटवर्क की दूरी कम होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा उन इलाकों को मिल सकता है, जहां लंबे समय से लो वोल्टेज और वोल्टेज ड्रॉप की समस्या बनी हुई है। बिजली का लोड अलग-अलग सब स्टेशनों में बांटे जाने से मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम होगा। इससे बिजली की गुणवत्ता और आपूर्ति की स्थिरता में सुधार आने की उम्मीद है। नई व्यवस्था का एक अहम फायदा बिजली फॉल्ट के दौरान देखने को मिल सकता है। किसी इलाके में लाइन में खराबी आने पर पूरे बड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति कम होगी। अलग-अलग सब स्टेशनों से बिजली आपूर्ति होने पर प्रभावित क्षेत्र को तेजी से चिन्हित किया जा सकेगा। इससे फॉल्ट ठीक करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में आसान और तेज हो सकती है।

ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों को मिलेगा फायदा

405 नए पावर सब स्टेशनों के निर्माण से झारखंड के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली वितरण नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता के साथ उसकी विश्वसनीयता भी बढ़ सकती है। खासकर उन इलाकों को इसका फायदा मिलने की संभावना है, जहां लंबी दूरी की बिजली लाइनों और अधिक लोड के कारण लो वोल्टेज, वोल्टेज ड्रॉप और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या बनी रहती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।

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