स्वाइन फ्लू की जांच केवल रिम्स, एमजीएम व सदर रांची में, सभी जिलों में जल्द शुरू हो जांच : अजय कुमार सिंह

📌 मुख्य बिंदु (KEY HIGHLIGHTS)

  • स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम की समीक्षा बैठक में एचएमआईएस, सीसीटीवी, डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण पर भी चर्चा

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में स्वाइन फ्लू की जांच व्यवस्था को जिला स्तर तक मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सभी जिलों में जल्द से जल्द स्वाइन फ्लू की जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने यह निर्देश दिया। बैठक में स्वाइन फ्लू की स्थिति, जांच व्यवस्था, एचएमआईएस, सीसीटीवी इंस्टॉलेशन, कार्मिकों के प्रशिक्षण तथा डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मियों के रिस्ट्रक्चरिंग पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में सभी जिलों से स्वाइन फ्लू की स्थिति और जांच व्यवस्था की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में रांची सदर अस्पताल, रिम्स और एमजीएम जमशेदपुर में स्वाइन फ्लू की जांच हो रही है। अपर मुख्य सचिव ने जिलों में उपलब्ध आरटी-पीसीआर मशीनों, खराब मशीनों की मरम्मत और जांच किट की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां जांच मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल आवश्यक रिक्विजीशन भेजा जाए। जरूरत पड़ने पर टेक्नीशियन और पैथोलॉजिस्ट को रिम्स व सदर अस्पताल में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

एचएमआईएस से जुड़ेंगी जांच मशीनें

बैठक में ट्रूनेट मशीनों की उपलब्धता और उन्हें एचएमआईएस से जोड़ने की स्थिति की समीक्षा की गई। सभी जिलों को एचएमआईएस को पूरी तरह कार्यशील बनाने और आवश्यकता के अनुसार कर्मियों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। वहीं, सीसीटीवी इंस्टॉलेशन की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने एजेंसी को जल्द जिलों का दौरा कर कैमरे लगाने के स्थानों की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगाकर स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।

दक्षिण भारत से एक हजार पीजी डॉक्टर लाने की तैयारी

बैठक में डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मियों के रिस्ट्रक्चरिंग पर भी चर्चा हुई। अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए दक्षिण भारत से करीब एक हजार पीजी डॉक्टरों को लाने का प्रयास किया जा रहा है। सिविल सर्जनों से मिले सुझावों के आधार पर अस्पतालों में जरूरत के अनुरूप पदों का निर्धारण किया जाएगा। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक सीएचसी को अपग्रेड करने के लिए भेजे गए प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने का निर्देश दिया।

125 स्थानों पर लगेगी एचपीएलसी मशीन

अपर मुख्य सचिव ने राज्य के 125 स्थानों पर एचपीएलसी मशीन उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही सहियाओं को प्रशिक्षण देकर ब्लड कलेक्शन और ड्रेसिंग जैसे कार्यों के लिए तैयार करने की योजना पर चर्चा हुई। प्रत्येक सब सेंटर पर बेहतर शैक्षणिक योग्यता वाली दो सहियाओं का चयन कर उन्हें छह माह का प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है। एमपीडब्ल्यू को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य में करीब 80 कॉलेजों में इस प्रकार का प्रशिक्षण कराए जाने की संभावना जताई गई। बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला सहित विभागीय अधिकारी और सभी जिलों के सिविल सर्जन मौजूद रहे।

Share this news

संबंधित खबरें