15 दिन पहले आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली की मौत, मिसिर बेसरा का बॉडीगार्ड था इतवारी हांसदा

Meenu | August 14, 2026 | 04:32 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में करीब 15 दिन पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली इतवारी हांसदा उर्फ सोनोट उर्फ शनिचरा की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसने 28 जुलाई को झारखंड पुलिस मुख्यालय में 16 अन्य नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण किया था। इलाज के दौरान 13 अगस्त की सुबह रिम्स, रांची में इतवारी ने अंतिम सांस ली। वह एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा का बॉडीगार्ड रह चुका था।

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मुठभेड़ में घायल होने के बाद छोड़ दिया था नक्सली रास्ता

आत्मसमर्पण के दौरान इतवारी ने पुलिस को बताया था कि 6 नवंबर 2025 को वह सारंडा में मिसिर बेसरा के साथ मौजूद था। इसी दौरान सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें उसे गोली लग गई थी। इतवारी के मुताबिक, घायल होने के बाद वह काफी देर तक वहीं पड़ा रहा, लेकिन मिसिर बेसरा ने उसकी सुध नहीं ली। उसने बताया था कि इस घटना के बाद उसका नक्सली संगठन और नेतृत्व से भरोसा टूट गया। इसके बाद उसने माओवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया और परिवार के माध्यम से पुलिस से संपर्क कर आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण के दो दिन बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी 26 वर्षीय इतवारी हांसदा, सोनाराम हांसदा का पुत्र था। वह टोंटो थाना कांड संख्या 30/2023 से भी जुड़ा था। आत्मसमर्पण के बाद उसे 31 जुलाई को ओपन जेल, हजारीबाग लाया गया था। इसके दो दिन बाद, 2 अगस्त को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तेज बुखार और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत के बाद जेल चिकित्सक की सलाह पर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग में भर्ती कराया गया।

हालत गंभीर होने पर रिम्स किया गया रेफर

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में इलाज के बावजूद इतवारी की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 4 अगस्त को मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। मेडिकल बोर्ड की सिफारिश पर उसे बेहतर इलाज के लिए 7 अगस्त को रिम्स, रांची रेफर किया गया। यहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। हालांकि, इलाज के दौरान 13 अगस्त को सुबह 10:29 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आत्मसमर्पण के 15 दिन बाद मौत

इतवारी हांसदा ने 28 जुलाई को नक्सली संगठन छोड़कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। इसके महज 15 दिन बाद उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद आत्मसमर्पण और पुनर्वास प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल उसकी मौत के चिकित्सकीय कारणों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

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