- खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने टाटीसिलवे चौक पर किया प्रतिमा का अनावरण, बोले- आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष से मिलेगी प्रेरणा
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : हर वर्ष 14 अगस्त को स्वर्गीय हरि प्रसाद मिश्र का शहादत दिवस मनाया जाता है। शुक्रवार को उनके शहादत दिवस के अवसर पर हरि प्रसाद मिश्र चौक (टाटीसिलवे चौक) के बीच चौक पर उनकी प्रतिमा का अनावरण खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने किया। इस दौरान उनके परिजन, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रतिमा अनावरण के दौरान स्वर्गीय हरि प्रसाद मिश्र के बड़े पुत्र रामेश्वर नाथ मिश्र ने उनके जीवन और संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हरि प्रसाद मिश्र 1966 में पहली बार पंचायत के मुखिया चुने गए थे और बाद में दोबारा निर्वाचित होकर 14 अगस्त 1989 को निधन तक लगातार मुखिया रहे।
इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के मजदूरों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि उस दौर में अधिकांश मजदूर असंगठित थे। हरि प्रसाद मिश्र ने भूसा मार्टिन फैक्टरी से मजदूर संगठन की शुरुआत की। इसके बाद आरा गेट प्लांट, वेक्सफोल फैक्टरी, बीएसआईडीसी के इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट कारखाने और नामकुम के मेलिबुल आयरन वर्कर्स यूनियन समेत कई संस्थानों में मजदूरों को संगठित किया। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन व धन्यवाद ज्ञापन कांग्रेस के नेता सह स्व. हरिप्रसाद मिश्र के भाई अशोक कुमार मिश्र ने किया।
हरि प्रसाद मिश्र कौन थे?
हरि प्रसाद मिश्र केवल पंचायत के मुखिया ही नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले सामाजिक नेता, किसान और क्षेत्र के विकास के लिए काम करने वाले जनप्रतिनिधि थे। रामेश्वर नाथ मिश्र के अनुसार उन्होंने मजदूरों के लिए कई बार आंदोलन, भूख हड़ताल और आमरण अनशन किए। उनके प्रयासों से कई मजदूरों को स्थायी रोजगार मिला। उन्होंने मजदूर और प्रबंधन के बीच संवाद कायम कर औद्योगिक शांति स्थापित करने का भी प्रयास किया। वे रांची-खूंटी सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के निदेशक रहे और कृषि उत्पादन बाजार समिति के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान रहा। उस समय के छोटे प्राथमिक विद्यालय को विकसित कर मध्य विद्यालय के रूप में स्थापित कराने में उन्होंने भूमिका निभाई और विद्यालय के लिए करीब दो एकड़ जमीन दान की।

कृषि, शिक्षा और उद्योग के विकास में भी रहा योगदान
रामेश्वर नाथ मिश्र ने कहा कि हरि प्रसाद मिश्र स्वयं किसान थे और क्षेत्र में कृषि विकास के लिए नए फसलों और खेती के तरीकों को बढ़ावा देते थे। अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों को क्षेत्र में बुलाकर किसानों को नई तकनीकों का प्रदर्शन कराया जाता था। उनके प्रयासों से क्षेत्र में कुओं, सिंचाई और अन्य संसाधनों के विकास को भी गति मिली। उन्होंने कहा कि टाटीसिलवे में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में भी उनके प्रयास महत्वपूर्ण रहे। शिक्षा, कृषि, मजदूर, रोजगार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए गए उनके कार्यों ने टाटीसिलवे को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।
बोनस आंदोलन के दौरान हुई थी हत्या
रामेश्वर नाथ मिश्र ने बताया कि 1987 में उषा मार्टिन फैक्टरी में मजदूरों के बोनस की मांग को लेकर आंदोलन हुआ। हरि प्रसाद मिश्र मजदूरों के पक्ष में अनिश्चितकालीन हड़ताल और आमरण अनशन पर बैठ गए थे। इसी दौरान प्रबंधन से जुड़े लोगों और स्थानीय दबंगों द्वारा उनकी हत्या कराए जाने का आरोप लगाया गया। 14 अगस्त 1989 को उनकी मृत्यु हुई, जिसके बाद इस दिन को उनके शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विधायक बोले- प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को देगी संघर्ष की प्रेरणा
विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले लोगों को सम्मान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हरि प्रसाद मिश्र ने जिस तरह मजदूरों और समाज के लिए संघर्ष किया, उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को उनके इतिहास और योगदान को जानने की प्रेरणा देगी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी मोबाइल और आधुनिक तकनीक के बीच बड़ी हो रही है। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित ऐसे स्मारक युवाओं को अपने समाज, राज्य और देश के लिए काम करने की प्रेरणा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हरि प्रसाद मिश्र ने अपने संघर्ष के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता बनाने का प्रयास किया था।

यह भी पढ़ें : झारखंड की लोक कलाओं को राष्ट्रीय सम्मान, तीन कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
परिवार के लोग और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में हरि प्रसाद मिश्र के पुत्र रामेश्वर नाथ मिश्र, अमित कुमार मिश्र, डॉ. अभिषेक रंजन, अशोक कुमार मिश्र, पंकज मिश्र, हलधर मिश्र, विकास पुष्पराज, अर्चना मिश्रा, राजलक्ष्मी पाठक, विनय पाठक, अनिरुद्ध देवराज ट्रस्ट के अध्यक्ष उदय कुमार मिश्रा, अभय मिश्रा, गिरिधर मिश्रा समेत परिवार के अन्य सदस्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

