Samachar Post रिपोर्टर,रांची : झारखंड में मईयां सम्मान योजना को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य के राजस्व और कल्याणकारी योजनाओं पर संभावित असर की बात कही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अगर विधेयक के कारण झारखंड को मिलने वाला खनिज सेस प्रभावित होता है और राज्य के राजस्व में कमी आती है, तो सरकार के सामने वित्तीय चुनौती खड़ी हो सकती है।
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फंड की कमी हुई तो योजनाओं पर पड़ सकता है असर
हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं रहने पर कई जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने मईयां सम्मान योजना समेत अन्य योजनाओं पर भी संभावित असर की आशंका जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। ऐसे में राज्य के संसाधनों और उनसे मिलने वाले राजस्व पर किसी भी तरह की कमी का सीधा असर विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के बजट पर पड़ सकता है।
मईयां सम्मान से पेंशन और शिक्षा-स्वास्थ्य तक का जिक्र
मुख्यमंत्री ने संभावित वित्तीय संकट के संदर्भ में मईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ सरकार के वित्तीय प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर गरीब परिवारों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों पर पड़ सकता है। हालांकि, मुख्यमंत्री के बयान में इन योजनाओं को तत्काल बंद करने का कोई निर्णय घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने फंड की कमी की स्थिति में इनके प्रभावित होने की आशंका जताई है।
केंद्र पर विधेयक जल्दबाजी में पारित करने का आरोप
हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर विधेयक को जल्दबाजी में लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे झारखंड के अधिकारों और आर्थिक हितों पर असर पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है।

विधेयक वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
हेमंत सोरेन ने कहा कि यदि विधेयक वापस नहीं लिया गया और झारखंड के अधिकार बहाल नहीं किए गए, तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि आंदोलन को जिला, प्रखंड, पंचायत और शहर स्तर तक ले जाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर होने वाले आंदोलन को पूरा देश देखेगा।
क्या सच में बंद हो जाएगी मईयां सम्मान योजना?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मईयां सम्मान योजना को बंद करने का कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। योजना बंद होने की बात मुख्यमंत्री की ओर से एक संभावित वित्तीय संकट के संदर्भ में कही गई है। यानी खनिज सेस से होने वाली संभावित राजस्व कमी और योजनाओं पर उसके असर को लेकर राजनीतिक बयान सामने आया है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि मईयां सम्मान योजना तत्काल बंद होने जा रही है।

Reporter | Samachar Post

