- मुख्य प्रवेश द्वार, प्रतीक्षा शेड और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा न्यायालय परिसर
Samachar Post रिपोर्टर, रामगढ़ : न्यायिक सेवाओं को अधिक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आमजन के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में कई महत्वपूर्ण आधारभूत विकास कार्य किए जा रहे हैं। झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एवं रामगढ़ न्यायमंडल के प्रशासनिक न्यायाधीश दीपक रौशन न्यायालय परिसर पहुंचकर विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम को लेकर न्यायालय प्रशासन और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मुख्य प्रवेश द्वार और प्रतीक्षा शेड की रखी जाएगी आधारशिला
कार्यक्रम के दौरान व्यवहार न्यायालय के प्रस्तावित भव्य मुख्य प्रवेश द्वार का शिलान्यास किया जाएगा। इसके साथ ही वादकारियों, गवाहों और आम नागरिकों की सुविधा के लिए बनाए जाने वाले प्रतीक्षा शेड की आधारशिला भी रखी जाएगी। न्यायालय प्रशासन का मानना है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
पार्किंग शेड और ध्वनि प्रणाली का होगा उद्घाटन
न्यायालय परिसर में तैयार पार्किंग शेड का उद्घाटन भी कार्यक्रम का हिस्सा होगा। इसके अलावा अदालत कक्षों में स्थापित नई माइक और ध्वनि प्रणाली का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे न्यायिक कार्यवाही के दौरान संवाद और सुनवाई की प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी हो सकेगी। न्यायमूर्ति दीपक रौशन के मार्गदर्शन में न्यायालय परिसर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। न्यायालय प्रशासन नियमित रूप से व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है ताकि अधिवक्ताओं, पक्षकारों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
पहले भी शुरू हुई हैं कई जनोपयोगी सुविधाएं
रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें महिला प्रतीक्षा कक्ष सह शिशु गृह, न्यायालय पेंट्री तथा संवेदनशील गवाहों के लिए विशेष बयान केंद्र (Vulnerable Witness Deposition Centre) जैसी पहलें शामिल हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक मानवीय और सुविधाजनक बनाना है।

मामलों के निष्पादन में भी बेहतर प्रदर्शन
अप्रैल से जून 2026 के बीच रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में कुल 1,410 नए मामले दर्ज हुए, जिनमें से 832 मामलों का निष्पादन किया गया। इनमें 200 दीवानी और 632 आपराधिक मामले शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया है, जिससे लंबित मामलों के बोझ को कम करने में मदद मिली है।
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पीड़ितों को प्रतिकर और विधिक सहायता पर जोर
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से पीड़ितों और उनके आश्रितों को समयबद्ध कानूनी सहायता एवं प्रतिकर उपलब्ध कराने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। Victim Compensation Committee के माध्यम से पात्र मामलों की समीक्षा कर सहायता प्रदान की जाती है। मई 2026 में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान रामगढ़ व्यवहार न्यायालय के माध्यम से 15,677 मामलों का निष्पादन किया गया। लोक अदालत के जरिए मामलों के समाधान से पक्षकारों को समय और खर्च दोनों की बचत होती है।
न्याय को अधिक सुलभ बनाने की पहल
न्यायालय प्रशासन महिला, बच्चों, दिव्यांगजनों और समाज के कमजोर वर्गों तक विधिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। नई सुविधाओं के जुड़ने से रामगढ़ व्यवहार न्यायालय को अधिक आधुनिक, जनहितैषी और सुविधासंपन्न बनाने में मदद मिलेगी।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

