JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्रों की बैठक, आज मांगों पर हो सकता है बड़ा फैसला

Meenu | August 9, 2026 | 12:57 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी विवाद के बीच सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का दौर तेज हो गया है। रविवार को सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की समिति और छात्र प्रतिनिधिमंडल मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच गया है। दोनों पक्षों के बीच छात्रों की मांगों और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार को लेकर बातचीत हो रही है। सरकार की ओर से वार्ता में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हैं। वहीं छात्र प्रतिनिधिमंडल में चंदन कुमार, दीनबंधु मंडल, इकबाल हुसैन, रवि शंकर, प्रेम कुमार और रामा अवतार महतो शामिल हैं।

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शनिवार को भी हुई थी कई घंटे की बातचीत

इससे पहले शनिवार को भी स्टेट गेस्ट हाउस में मंत्रियों की समिति और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच लंबी बातचीत हुई थी। सरकार की ओर से गठित चार सदस्यीय समिति ने अलग-अलग छात्र संगठनों से उनकी मांगों पर चर्चा की। बातचीत के बाद मंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले और उन्हें छात्र संगठनों की मांगों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री के साथ भी कई घंटे तक बैठक चली। इसके बाद रविवार दोपहर 12 बजे छात्र प्रतिनिधियों के साथ दोबारा बैठक करने का निर्णय लिया गया।

छात्र संगठनों से अलग-अलग हुई बातचीत

शनिवार को मंत्रियों की समिति ने सबसे पहले देवेंद्र महतो गुट के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इसके बाद एनएसयूआई, झारखंड मुक्ति मोर्चा की छात्र इकाई झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी छात्र संघ के प्रतिनिधियों से भी वार्ता की गई। सरकारी प्रतिनिधियों ने अलग-अलग बैठकों में छात्र संगठनों की मांगों को सुना और उन्हें दर्ज किया। इसके बाद चारों मंत्री मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और छात्र संगठनों की ओर से रखी गई मांगों पर विस्तृत चर्चा की।

रविवार की बैठक पर टिकी सबकी नजर

मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद मंत्रियों ने बताया था कि रविवार को दोपहर 12 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में छात्र प्रतिनिधियों के साथ फिर बैठक होगी। इस बैठक में छात्रों की मांगों पर बिंदुवार चर्चा किए जाने की बात कही गई है। सरकार की ओर से यह भी बताया जाना है कि वह छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाने जा रही है। इसी वजह से रविवार की बैठक को आंदोलन और JPSC-JSSC परीक्षा विवाद के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

छात्र संगठनों की ओर से कई मांगें रखी गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

1. कई परीक्षाएं रद्द करने की मांग

छात्रों ने 14वीं JPSC सिविल सेवा रेगुलर PT परीक्षा, सिविल सेवा बैकलॉग-2023 की PT और लिखित परीक्षा तथा सिविल सेवा बैकलॉग-2025 की PT और लिखित परीक्षा को रद्द करने की मांग की है।

2. 90 दिनों में CID जांच

छात्र संगठनों ने पूरे मामले की CID जांच 90 दिनों के भीतर पूरी करने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

3. नियमित परीक्षा कैलेंडर की मांग

छात्रों ने JPSC और JSSC की ओर से नियमित वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति पैदा न हो।

सरकार ने छात्रों से आंदोलन खत्म करने की अपील की

वार्ता के बाद मंत्रियों ने छात्र संगठनों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की थी। सरकार की ओर से कहा गया कि वह छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है और उनकी मांगों पर विचार कर रही है। सरकार ने अन्य छात्र संगठनों और संबंधित पक्षों से भी सुझाव लेने की बात कही है। सरकार की ओर से परीक्षा सुधारों को लेकर छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से सुझाव और फीडबैक भी मांगा गया है। इसके लिए jpsc.jssc.feedback@gmail.com ई-मेल आईडी जारी की गई है। सरकार के मुताबिक, इस माध्यम से मिलने वाले सुझावों के आधार पर भविष्य में परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नई नीति तैयार करने पर विचार किया जाएगा।

क्या आज हो सकता है बड़ा ऐलान?

JPSC-JSSC विवाद के बीच रविवार की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छात्रों की मांगों पर सरकार का रुख और आगे की कार्रवाई इसी वार्ता के दौरान स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम निर्णय सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल छात्रों और सरकार के बीच जारी बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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