चतरा में वन विभाग की कार्रवाई से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी, बायपास सड़क पर ट्रेंच खोदने का विरोध

Meenu | July 13, 2026 | 11:16 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,चतरा : झारखंड के चतरा जिले में वन विभाग द्वारा बायपास सड़क पर ट्रेंच (खाई) खोदे जाने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुंदा प्रखंड के कुंदा-अखरा बायपास मार्ग पर की गई इस कार्रवाई के विरोध में रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि सड़क बंद होने से एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है और वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है।

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करीब 5 हजार ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार, कुंदा-अखरा-जगरनाथपुर-टिकैतबांध मार्ग लंबे समय से बायपास सड़क के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। इस मार्ग पर ट्रेंच खोदे जाने के कारण अखरा, टिकैतबांध, टिकुलिया, पचरुखिया, नावाडीह, जगरनाथपुर, मोहनपुर, कुंदा, कुशुमभा, चुटिघाट और ककहिया सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के लगभग 5 हजार लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। अब लोगों को प्रतापपुर, चतरा और बिहार जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

लकड़ी के सहारे ट्रेंच पार कर स्कूल पहुंच रहे बच्चे

सड़क बंद होने का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ा है। बच्चे ट्रेंच पर लकड़ी रखकर जान जोखिम में डालते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। यूपीएस अखरा के छात्र संदीप कुमार ने बताया कि ट्रेंच खोदे जाने के कारण वह दो दिन तक स्कूल नहीं जा सके। बाद में उनके पिता ने लकड़ी रखकर अस्थायी रास्ता बनाया, जिसके बाद स्कूल जाना संभव हो पाया। वहीं छात्र चंदन कुमार ने बताया कि लकड़ी के सहारे ट्रेंच पार करते समय काफी डर लगता है और सभी बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर किसी तरह सड़क पार करते हैं। बच्चों ने जिला प्रशासन से जल्द सड़क को आवागमन के लिए बहाल करने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप, बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बंद कर दी सड़क

ग्रामीणों का कहना है कि कुंदा-प्रतापपुर मुख्य सड़क पर जाम लगने की स्थिति में यही मार्ग वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। मनरेगा योजना के तहत इस सड़क का निर्माण मिट्टी, मोरम और हार्ड सरफेस से कराया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि चार दिन पहले वन विभाग ने पौधारोपण के नाम पर सड़क पर ट्रेंच खोदकर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया, जबकि लोगों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से सड़क को तत्काल चालू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय में आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

मुखिया ने अधिकारियों से समाधान का दिलाया भरोसा

मामले की जानकारी मिलने के बाद कुंदा पंचायत के मुखिया एवं मुखिया संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार साहू तथा पूर्व उपमुखिया सतेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस मुद्दे को उपायुक्त (DC), सांसद, विधायक और वन विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द सड़क पर आवागमन बहाल कराया जा सके।

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