Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड सरकार की ओर से बिना स्वीकृत नक्शे के बने भवनों को वैध करने के लिए शुरू की गई बिल्डिंग रेगुलराइजेशन योजना को अब तक अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली है। 14 मई को लॉन्च किए गए बिल्डिंग रेगुलराइजेशन पोर्टल पर राज्यभर से अब तक करीब 4 हजार आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित है। सरकार ने ‘झारखंड अनअथॉराइज्ड कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रेगुलराइजेशन रूल्स’ लागू कर करीब 7 लाख मकान मालिकों को राहत देने की पहल की थी। इस योजना का उद्देश्य नियमों के उल्लंघन में बने भवनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत वैध करना है, लेकिन आवेदन की रफ्तार काफी धीमी बनी हुई है।
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रांची सबसे आगे, कई जिलों से एक भी आवेदन नहीं
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आवेदन के मामले में रांची सबसे आगे है। अब तक जिले से 1,704 आवेदन मिले हैं, जिनमें:
- रांची नगर निगम (RMC) क्षेत्र से – 1,272 आवेदन
- रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (RRDA) क्षेत्र से – 432 आवेदन
इसके अलावा धनबाद से 482 और बोकारो से 464 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं कई अन्य नगर निकायों में आवेदन की संख्या बेहद कम है, जबकि कुछ स्थानों से अब तक एक भी आवेदन नहीं मिला है।

25 फीट सड़क की शर्त बन रही बड़ी बाधा
योजना में सबसे बड़ी चुनौती रोड बाइंडिंग क्लॉज मानी जा रही है। इसके तहत किसी भी अवैध भवन को नियमित कराने के लिए भवन के सामने कम से कम 25 फीट चौड़ी सड़क होना अनिवार्य है। इसी शर्त के कारण बड़ी संख्या में लोग आवेदन करने से पीछे हट रहे हैं।
समय सीमा बढ़ाने और नियमों में संशोधन की मांग
13 जुलाई की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही आवेदन की समय सीमा बढ़ाने और नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाने की मांग तेज हो गई है। विभाग का कहना है कि जनता से मिले फीडबैक और व्यवहारिक समस्याओं की समीक्षा की जा रही है। जरूरत पड़ने पर नियमों में स्पष्टीकरण या संशोधन पर भी विचार किया जा सकता है।

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