किसानों की समृद्धि और रोजगार सृजन पर केंद्रित हो कृषि शिक्षा: राज्यपाल संतोष गंगवार

Rupa Kumari | June 26, 2026 | 03:52 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान का अंतिम उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना होना चाहिए। उन्होंने यह बात शुक्रवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के 46वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही। राज्यपाल ने कहा कि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि झारखंड के किसानों की उम्मीदों और ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान और कृषि प्रसार कार्यक्रमों के जरिए किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है।

जलवायु परिवर्तन के दौर में नई तकनीकों की जरूरत

उन्होंने कहा कि झारखंड की बड़ी आबादी कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है। ऐसे में जैविक खेती, श्री अन्न (मिलेट्स), बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे शोध किसानों के लिए बेहद उपयोगी हैं। राज्यपाल ने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य को देखते हुए पर्यावरण अनुकूल और किसानों के लिए लाभकारी तकनीकों का विकास समय की मांग है। कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें नवाचार, कृषि उद्यमिता और ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा देना चाहिए।

किसानों की आय बढ़ाने वाला हो शोध

स्वयं को कृषक परिवार से जुड़ा बताते हुए राज्यपाल ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से कहा कि किसी भी अनुसंधान की सफलता शोधपत्रों की संख्या से नहीं, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और उनकी समस्याओं के समाधान से आंकी जानी चाहिए। उन्होंने “लैब टू लैंड” की अवधारणा को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीक का लाभ सीधे खेतों तक पहुंचना चाहिए, तभी अनुसंधान का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।

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युवाओं से रोजगार देने वाला बनने का आह्वान

राज्यपाल ने झारखंड में बागवानी, वानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और लाख उत्पादन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए इन क्षेत्रों में मूल्य संवर्धन और आधुनिक विपणन व्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विद्यार्थियों से नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान समृद्ध होंगे और गांव आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे। कृषि शिक्षा आज नवाचार, स्टार्टअप, खाद्य प्रसंस्करण और रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।

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