बोकारो लापता युवती मामले में नई प्रगति, हाईकोर्ट ने DNA रिपोर्ट जांच अधिकारी को सौंपी

Rupa Kumari | June 25, 2026 | 01:04 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : बोकारो की लापता 18 वर्षीय युवती के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। कोलकाता स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) से प्राप्त डीएनए जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद अदालत ने रिपोर्ट संबंधित अनुसंधानकर्ता (जांच अधिकारी) को सौंप दी है। साथ ही मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट भी जांच अधिकारी को उपलब्ध कराई गई है, ताकि आगे की जांच प्रक्रिया को गति दी जा सके।

लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मामले से जुड़े कथित लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और विभागीय जांच की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मामले की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी और एसआईटी के सदस्य भी अदालत में उपस्थित रहे। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और अधिवक्ता शांतनु गुप्ता ने पक्ष रखा।

सीलबंद लिफाफे में पेश की गई थी रिपोर्ट

इससे पहले केंद्र सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि कथित रूप से बरामद कंकाल और युवती के माता-पिता के डीएनए नमूनों के मिलान के बाद तैयार रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। अदालत ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद उसे आगे की जांच के लिए अनुसंधानकर्ता को सौंपने का निर्णय लिया।

जुलाई 2025 से लापता है युवती

मामले के अनुसार, बोकारो जिले की 18 वर्षीय युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है। इस संबंध में पिंडराजोड़ा थाना में कांड संख्या 147/2025 दर्ज किया गया था। लंबे समय तक युवती का कोई सुराग नहीं मिलने पर उसकी मां रेखा देवी ने झारखंड हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की थी। इसके बाद मामले की निगरानी अदालत द्वारा की जा रही है।

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जांच पर टिकी हैं निगाहें

डीएनए रिपोर्ट और एसआईटी की रिपोर्ट जांच अधिकारी को सौंपे जाने के बाद अब इस मामले की जांच में नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि मामले से जुड़े निष्कर्षों और रिपोर्ट की सामग्री को लेकर अदालत की ओर से फिलहाल कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई है। आगे की सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर अब सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।

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