जामताड़ा गैंगरेप केस: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के 2 दोषियों को 20-20 साल की सजा, अदालत ने सुनाया फैसला

Rupa Kumari | June 8, 2026

Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : जामताड़ा जिला जज प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के एक चर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में मिहिजाम थाना क्षेत्र के बोदमा अर्जुनडी निवासी लखन राणा और रणजीत राणा को अदालत ने दोषी करार दिया है। इससे पहले 4 जून को अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया था, जिसके बाद सोमवार को सजा का ऐलान किया गया।

पोक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में सजा

न्यायालय ने दोनों दोषियों को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। अदालत ने पोक्सो एक्ट की धारा 5(जी) के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसके अलावा धारा 351(3) के तहत 7 वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 351(2) के तहत 2 वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 115(2) के तहत 1 वर्ष की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना, अदालत ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। साथ ही जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का निर्देश दिया गया है।

बकरी के बहाने झाड़ी में बुलाकर दिया वारदात को अंजाम

मामला 28 नवंबर 2024 का है। पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी लखन राणा ने उसे यह कहकर घर से बाहर बुलाया कि उसकी बकरी घायल हो गई है और पास की झाड़ी में पड़ी है। जैसे ही नाबालिग वहां पहुंची, पहले से मौजूद रणजीत राणा ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने मिलकर उसके साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़िता पर बियर की बोतल से हमला किया और उसके चेहरे पर बेहोशी की दवा छिड़क दी।

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सात गवाहों की गवाही से साबित हुआ अपराध

अभियोजन पक्ष ने अदालत में सात गवाहों के बयान दर्ज कराए, जिनके आधार पर अपराध सिद्ध हुआ। सभी साक्ष्यों और गवाहियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दोनों को दोषी पाया। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को न्यायिक हिरासत में भेजकर मंडल कारा भेज दिया गया। साथ ही अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को निर्देश दिया है कि पीड़िता को विक्टिम कंपेनसेशन स्कीम के तहत उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

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