Samachar Post रिपोर्टर, रांची : बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अदालत से बड़ा झटका लगा है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने उनकी ओर से दायर डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 5 दिसंबर 2025 को विशेष अदालत में डिस्चार्ज याचिका दाखिल कर खुद को निर्दोष बताते हुए मामले से मुक्त किए जाने की मांग की थी। याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अदालत ने याचिका की खारिज
सोमवार को विशेष अदालत ने अपना आदेश सुनाते हुए डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद मामले की सुनवाई अब अगले चरण में प्रवेश करेगी। याचिका खारिज होने के साथ ही अब मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन (चार्ज फ्रेमिंग) की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
यह भी पढ़ें: कयासों पर विराम, भाजपा के समर्थन से राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे परिमल नाथवानी
जमीन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला
यह मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र स्थित 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और उससे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है। मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है। अदालत के ताजा फैसले को इस बहुचर्चित मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब सुनवाई आरोप तय करने की प्रक्रिया की ओर बढ़ेगी। मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।