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झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बीजेपी का हमला, राफिया नाज़ ने मंत्री इरफान अंसारी से पूछे तीखे सवाल

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Samachar Post रिपोर्टर, रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने और बड़े-बड़े दावों के बावजूद सरकारी अस्पतालों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। राफिया नाज़ ने कहा कि राज्य के अस्पतालों में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

MGM अस्पताल की घटना का किया जिक्र

भाजपा प्रवक्ता ने हाल ही में जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में सामने आई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक 13 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद उसके पिता को बेटे का शव गोद में उठाकर अस्पताल से बाहर ले जाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन न तो स्ट्रेचर उपलब्ध करा सका और न ही शव वाहन की व्यवस्था कर पाया। राफिया नाज़ ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया।

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पुरानी घटनाओं को भी उठाया मुद्दा

राफिया नाज़ ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उन्होंने चाईबासा की उस घटना का भी जिक्र किया, जिसमें एक पिता कथित तौर पर अपने बच्चे का शव थैले में लेकर जाने को मजबूर हुआ था। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे भी मामले सामने आए हैं जहां एक ही बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज किया गया, बिजली की कमी के कारण मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन हुए और एम्बुलेंस नहीं मिलने पर गर्भवती महिलाओं को खाट पर अस्पताल पहुंचाना पड़ा।

रिम्स की स्थिति पर भी सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स में स्वास्थ्यकर्मी वेतन भुगतान की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नर्स और कर्मचारी आंदोलन की स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि मरीजों को एक्स-रे और अन्य जरूरी जांच सुविधाओं के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है और कई बार उन्हें निजी संस्थानों का सहारा लेना पड़ता है। राफिया नाज़ ने कहा कि अस्पतालों में करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए हेल्थ कियोस्क अपेक्षित उपयोग नहीं होने के कारण बेकार साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सुविधाओं को मरीजों के लिए शुरू किया गया था, वे कई जगह प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री से पूछा- विभाग की प्राथमिकता क्या है?

भाजपा प्रवक्ता ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से सवाल करते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताएं क्या हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होती, तो मरीजों को स्ट्रेचर, एम्बुलेंस, बेड, दवाइयों और जांच जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

राफिया नाज़ ने रिम्स, एमजीएम समेत राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के लंबित वेतन का भुगतान, अस्पतालों में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं चाहती है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

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Rupa Kumari

Reporter | Samachar Postमैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।See Profile

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