Samachar Post रिपोर्टर,रांची: सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रांची जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खराब शैक्षणिक प्रदर्शन और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली की अनदेखी करने वाले शिक्षकों पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
मैट्रिक और इंटर के खराब परिणाम पर मांगा जवाब
बैठक में उन विद्यालयों की समीक्षा की गई, जहां मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट विज्ञान संकाय का परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर रहा। ऐसे स्कूलों के शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीसी ने केवल उत्तीर्ण प्रतिशत बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयास आवश्यक हैं।
ई-विद्यावाहिनी ऐप पर हाजिरी नहीं, तो वेतन भी नहीं
बैठक में ई-विद्यावाहिनी ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने को लेकर सबसे अधिक सख्ती दिखाई गई। जिले के 233 विद्यालयों में एक भी दिन छात्रों की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई। इन सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और अगले आदेश तक उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। 1461 विद्यालयों में 10 दिनों से भी कम छात्र उपस्थिति दर्ज पाई गई। इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। 215 शिक्षकों ने अपनी व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज नहीं की, जिसके कारण उनका वेतन भी रोक दिया गया। इसके अलावा रांची सदर क्षेत्र की प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी आभा कुमारी का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया गया है।
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जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ाई तत्काल बंद करने का आदेश
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डीसी ने निर्देश दिया कि जिन स्कूल भवनों की स्थिति जर्जर या असुरक्षित है, वहां तत्काल पढ़ाई बंद कर दी जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। इसके लिए DMFT और अन्य सरकारी योजनाओं के फंड का उपयोग करने को कहा गया है।
1416 शिक्षकों को CPD ट्रेनिंग शुरू करने का निर्देश
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जिले के 1416 शिक्षकों ने अभी तक जे-गुरुजी ऐप पर अनिवार्य CPD (Continuous Professional Development) प्रशिक्षण शुरू नहीं किया है। डीसी ने सभी शिक्षकों को अगले सात दिनों के भीतर प्रशिक्षण शुरू करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि समयसीमा का पालन नहीं करने वालों का वेतन भी रोका जा सकता है।
कस्तूरबा विद्यालयों में खाली सीटें भरने के निर्देश
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में रिक्त सीटों पर नामांकन प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सात दिनों के भीतर सभी खाली सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। बैठक में उप विकास आयुक्त संजय भगत, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार सहित शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।