- फार्मेसी काउंसिल की जांच में नियम उल्लंघन का आरोप
Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : फार्मेसी शिक्षा के दौरान दवा दुकानों में कार्य करने को लेकर दो फार्मासिस्टों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मामला मनीष कुमार और विक्रम राणा से जुड़ा है, जिन्होंने डी-फार्म वर्ष 2021 में और बी-फार्म वर्ष 2025 में पूरा किया है। आरोप है कि दोनों छात्र पढ़ाई के दौरान ही अलग-अलग मेडिकल दुकानों में कार्यरत थे, जबकि उसी समय वे नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में नियमित छात्र के रूप में भी दर्ज थे।
अलग-अलग मेडिकल दुकानों में कर रहे थे काम
मिली जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार दिसंबर 2022 से बारीडीह, जमशेदपुर स्थित “जीवनदीप” दवा दुकान में कार्यरत थे। वहीं विक्रम राणा मई 2022 से मानगो स्थित “दवाइयां” नामक मेडिकल स्टोर में काम कर रहे थे।
अब सवाल यह उठ रहा है कि एक ही समय में दोनों छात्र विश्वविद्यालय में नियमित पढ़ाई करने के साथ-साथ दवा दुकानों में कार्य कैसे कर रहे थे। इसी बिंदु को लेकर जांच तेज हो गई है।
फार्मेसी एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट उल्लंघन का आरोप
सूत्रों के अनुसार, मामले को फार्मेसी एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के उल्लंघन से जोड़कर देखा जा रहा है। नियमों के तहत यदि कोई छात्र नियमित पाठ्यक्रम के दौरान गलत तरीके से कार्यरत पाया जाता है या दस्तावेजों में विसंगति मिलती है, तो उसका निबंधन रद्द किया जा सकता है।
निबंधन रद्द करने की तैयारी
बताया जा रहा है कि फार्मेसी काउंसिल पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। प्रारंभिक स्तर पर दोनों के निबंधन रद्द करने और आगे कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा।