Samachar Post रिपोर्टर, रांची :राजधानी रांची में स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उस समय सामने आ गई जब मंजूनाथ भजंत्री ने शुक्रवार को अचानक सदर अस्पताल रांची का औचक निरीक्षण किया। डीसी के अचानक अस्पताल पहुंचते ही अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान डीसी ने इमरजेंसी वार्ड, सिक्योरिटी रूम, किचन और अन्य विभागों की व्यवस्था का जायजा लिया। अस्पताल के किचन में गंदगी और खराब साफ-सफाई देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कांट्रैक्टर को तत्काल व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। डीसी ने साफ कहा कि मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़ें :झारखंड में 35 बालू घाटों से खनन को मंजूरी, आज से शुरू होगा वैध उठाव
मरीजों से सीधे सुनी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान डीसी वेटिंग रूम पहुंचे और वहां मौजूद मरीजों व उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। उन्होंने इलाज, दवा और अस्पताल की सुविधाओं को लेकर जानकारी ली। ओपीडी में इलाज कराने आई दो महिला मरीजों ने शिकायत की कि डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाएं अस्पताल की डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं रहतीं, जिसके कारण बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है।
खुद डिस्पेंसरी पहुंचकर की जांच
मरीजों की शिकायत सुनने के बाद डीसी ने खुद एक महिला मरीज की पर्ची ली और सीधे डिस्पेंसरी पहुंच गए। जांच के दौरान पर्ची में लिखी दवा उपलब्ध नहीं मिली। यह देखकर डीसी नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर ही डिस्पेंसरी प्रभारी को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही अगले आदेश तक वेतन रोकने की भी बात कही गई। डीसी की सख्ती के बाद अस्पताल प्रशासन में पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच निरीक्षण की चर्चा होती रही।
व्यवस्था सुधारने के निर्देश
मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को इलाज और दवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अस्पताल की व्यवस्था सुधारने और मरीजों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी राजेश कुमार साहू, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उर्वशी पांडेय, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
Reporter | Samachar Post