Samachar Post रिपोर्टर, रांची: कांके प्रखंड के चौकीदारों को पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वेतन भुगतान लंबित रहने से कई चौकीदारों के सामने परिवार चलाने की समस्या खड़ी हो गई है। जानकारी के अनुसार, हाल ही में नव नियुक्त चौकीदारों ने मंजूनाथ भजंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी थी। चौकीदारों की शिकायत सुनने के बाद डीसी ने प्रखंड के अंचलाधिकारी को तत्काल दो महीने का वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
अटेंडेंस के बाद अब मांगी जा रही सर्विस बुक
डीसी के निर्देश के बाद चौकीदारों से अटेंडेंस शीट जमा करने को कहा गया। कर्मचारियों ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध भी करा दिए, लेकिन अब उनसे सर्विस बुक मांगी जा रही है। बताया जा रहा है कि सितंबर 2025 में नियुक्त 20 नए चौकीदारों की अब तक सर्विस बुक ही नहीं खोली गई है। इसी कारण उनका वेतन भुगतान अटका हुआ है और उन्हें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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दूसरे जिलों में भी ऐसी ही स्थिति
सूत्रों के मुताबिक, केवल कांके ही नहीं बल्कि राज्य के कई अन्य प्रखंडों और जिलों में भी नए नियुक्त चौकीदारों के वेतन भुगतान में देरी हो रही है। जानकारों का कहना है कि हाल में सामने आए कथित ट्रेजरी घोटाले के बाद वेतन भुगतान प्रक्रिया और सख्त कर दी गई है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को वेतन जारी करने से पहले दस्तावेजों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है।
ट्रेजरी घोटाले के बाद बढ़ी जांच प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि ट्रेजरी घोटाले में वेतन मद से कथित फर्जी और अनियमित निकासी के मामले सामने आने के बाद प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। इसी वजह से कर्मचारियों के दस्तावेजों की कई स्तरों पर जांच की जा रही है। हालांकि चौकीदारों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि संबंधित प्रखंड और जिला प्रशासन समय पर प्रक्रिया पूरी करने को प्राथमिकता नहीं दे रहा, जिसके कारण वेतन भुगतान लगातार टलता जा रहा है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।