Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड में पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए तेल कंपनियों ने सख्त कदम उठाए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी ग्राहक को एक बार में 300 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक इंटरलॉक सिस्टम लागू कर दिया गया है, जो तय सीमा से अधिक बिक्री की कोशिश होने पर खुद ही सप्लाई रोक देगा। तेल कंपनियों ने राज्य भर के पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ा दी है। निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल न दिया जाए। इस कदम का उद्देश्य जमाखोरी पर रोक लगाना और कालाबाजारी की संभावना को खत्म करना है।
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नए ग्राहकों पर सख्ती
पंप संचालकों को यह भी कहा गया है कि बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति केवल पुराने और नियमित ग्राहकों को ही की जाए। अस्पताल और बैंक्वेट हॉल जैसे संस्थानों को उनकी जरूरत के अनुसार तेल दिया जा सकता है, लेकिन नए ग्राहकों को अधिक मात्रा में सप्लाई देने से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
इंडस्ट्रियल डीजल महंगा, बढ़ी सामान्य पंपों पर निर्भरता
इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतें ज्यादा होने के कारण कई फैक्ट्रियां अब सामान्य पेट्रोल पंपों से डीजल लेने की कोशिश कर रही हैं। रांची में जहां सामान्य डीजल की कीमत करीब 92.62 रुपये प्रति लीटर है, वहीं इंडस्ट्रियल डीजल 138 से 152 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसी वजह से कंपनियां ऐसे उपभोक्ताओं पर खास नजर रख रही हैं।
औसत बिक्री के आधार पर सप्लाई
तेल कंपनियां अब पेट्रोल पंपों को उनकी औसत बिक्री के आधार पर ही सप्लाई दे रही हैं। इससे अतिरिक्त स्टॉक जमा करने की गुंजाइश कम हो जाएगी और बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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