Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड के कई जिलों में सामने आए ट्रेजरी घोटाले को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कई बड़े फैसले किए हैं। अब इस मामले की आपराधिक जांच CID करेगी, जबकि राज्य के सभी ट्रेजरी का स्पेशल ऑडिट महालेखाकार से कराया जाएगा। साथ ही मामले की गहराई से जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन भी कर दिया गया है।
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SIT की कमान अभिताभ कौशल को
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, SIT का नेतृत्व उत्पाद सचिव अभिताभ कौशल करेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके नाम पर सहमति दे दी है। माना जा रहा है कि वित्त विभाग जल्द ही इसका आधिकारिक आदेश जारी करेगा। सरकार का मानना है कि पूरे नेटवर्क की जांच के बिना घोटाले की सच्चाई सामने नहीं आएगी।
CID करेगी आपराधिक जांच
सरकार ने इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए CID को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। CID अब यह पता लगाएगी कि फर्जी भुगतान कैसे हुआ, सिस्टम का दुरुपयोग किसने किया और इसमें किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही। सरकार ने राज्य के सभी ट्रेजरी का महालेखाकार से स्पेशल ऑडिट कराने का फैसला लिया है। इस ऑडिट के जरिए अनियमित भुगतान, निकासी के पैटर्न और संभावित गड़बड़ियों की पहचान की जाएगी, ताकि पूरे घोटाले की कड़ी जोड़ी जा सके।
DDO से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
सरकार ने सभी DDO को निर्देश दिया है कि वे जरूरी जानकारी जुटाकर रिपोर्ट दें। ट्रेजरी अधिकारियों को कर्मचारियों की तैनाती और कार्यकाल का प्रमाण पत्र लेने को कहा गया है। खासकर 3 साल से ज्यादा समय से एक ही जगह तैनात कर्मचारियों की अलग सूची तैयार की जाएगी। जांच में एक अहम डिजिटल पहलू भी जोड़ा गया है। वित्त विभाग ने यह जानकारी मांगी है कि कहीं DDO और संबंधित कर्मचारी एक ही मोबाइल नंबर पर OTP तो प्राप्त नहीं कर रहे। अगर ऐसा पाया गया तो इसे मिलीभगत का संकेत माना जाएगा।
सरकार का सख्त संदेश
सरकार ने साफ किया है कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। CID जांच, SIT निगरानी और स्पेशल ऑडिट के जरिए पूरे मामले की परतें खोलने की तैयारी है।
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