Samachar Post रिपोर्टर,बोकारो :जिले में 28 पुलिसकर्मियों के निलंबन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह को बर्खास्त करने की मांग कर दी है।
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एसोसिएशन का आरोप: सामूहिक निलंबन गलत
पुलिस एसोसिएशन का कहना है कि जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई उचित है, लेकिन पूरे थाने के 28 पुलिसकर्मियों को एक साथ निलंबित करना न्यायसंगत नहीं है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण में विफलता छिपाने के लिए की गई है।
‘पुष्पा हत्याकांड’ बना विवाद की जड़
यह पूरा विवाद पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के चर्चित ‘पुष्पा हत्याकांड’ से जुड़ा है। खूंटाडीह गांव की 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी महतो 21 जुलाई 2025 को लापता हो गई थी। इसके बाद 11 अप्रैल 2026 को चाकुलिया पंचायत के मधुटांड़ जंगल से उसका नरकंकाल बरामद हुआ।
जांच में लापरवाही के आरोप
इस मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगे कि उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने में देरी की और जांच में लापरवाही बरती। आरोप यह भी है कि कुछ पुलिसकर्मियों के मुख्य संदिग्ध दिनेश कुमार महतो से संबंध थे।
SP का बड़ा एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हरविंदर सिंह ने 12 अप्रैल को पिंडराजोरा थाना की पूरी टीम को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। इसी कार्रवाई के विरोध में अब पुलिस एसोसिएशन खुलकर सामने आ गया है।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद बनी SIT
मामले ने तब तूल पकड़ा जब हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए डीजीपी को फटकार लगाई। इसके बाद विशेष एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने महज दो दिनों में जांच पूरी कर आरोपी दिनेश कुमार महतो को पुष्पा की हत्या का दोषी पाया। पुलिस एसोसिएशन ने निलंबन वापस लेने और ट्रांसफर-पोस्टिंग में पारदर्शिता की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अपने सदस्यों के अधिकारों के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
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