Samachar Post रिपोर्टर,रांची :रांची स्थित सदर अस्पताल में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर शुरू किया गया है। यह कैंप 10 और 11 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें बच्चों की मुफ्त जांच, परामर्श और जरूरत पड़ने पर मुफ्त सर्जरी की सुविधा दी जा रही है। यह स्वास्थ्य शिविर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के “गिफ्ट ऑफ लाइफ” कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य जन्म से ही हृदय रोग से ग्रसित बच्चों की समय रहते पहचान कर उनका इलाज सुनिश्चित करना है। कैंप में बच्चों की जांच अमृता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा की जा रही है। पहले दिन राज्य के विभिन्न जिलों से आए बच्चों की इको और अन्य आधुनिक तकनीकों से स्क्रीनिंग की गई और अभिभावकों को जरूरी सलाह दी गई।
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500 बच्चों की जांच का लक्ष्य
इस कैंप में लगभग 500 बच्चों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। गंभीर मामलों में बच्चों का ऑपरेशन कोच्चि स्थित अमृता हॉस्पिटल में पूरी तरह मुफ्त कराया जाएगा। साथ ही इलाज के दौरान आने-जाने और ठहरने की सुविधा भी निशुल्क दी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार अगर बच्चे में सांस लेने में दिक्कत, दूध पीते समय हांफना, होंठ या शरीर का नीला पड़ना, ज्यादा पसीना आना या वजन न बढ़ना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
जन्मजात हृदय रोग क्या है?
जन्मजात हृदय रोग वह स्थिति है जिसमें बच्चे के जन्म के समय ही दिल की संरचना में गड़बड़ी होती है। विशेषज्ञों के अनुसार हर 100 में 1–2 बच्चे इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं।
समय पर इलाज से मिल सकती है नई जिंदगी
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने पर 90% तक बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं। यह कैंप आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है, क्योंकि निजी अस्पतालों में इस इलाज का खर्च लाखों रुपये तक होता है।
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