Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड में 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का संचालन कर रही संस्था सम्मान फाउंडेशन के खिलाफ झारखंड सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति (JRHMS) ने संस्था के साथ किया गया अनुबंध रद्द करते हुए सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया है। मिशन निदेशक की ओर से 25 मई 2026 को जारी पत्र में संस्था पर कई गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सम्मान फाउंडेशन द्वारा 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन संतोषजनक तरीके से नहीं किया जा रहा था, जिससे राज्यभर में मरीजों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
कर्मचारियों को नहीं मिल रहा था पूरा मानदेय
विभाग की ओर से जारी पत्र में आरोप लगाया गया है कि संस्था श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रही थी। कर्मचारियों को तय मानदेय नहीं दिया जा रहा था और उन्हें EPF तथा ESI जैसी जरूरी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कर्मचारियों को समय पर वेतन और अन्य लाभ नहीं मिलने से उनका मनोबल लगातार गिर रहा था, जिसका सीधा असर एंबुलेंस सेवा की गुणवत्ता पर पड़ रहा था।
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कई एंबुलेंस बिना इंश्योरेंस के चल रही थीं
जांच में यह भी सामने आया कि कई एंबुलेंस वाहनों का इंश्योरेंस 17 अप्रैल 2026 के बाद समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद वाहनों का संचालन जारी रखा गया। विभाग ने इसे मोटर वाहन अधिनियम 1988 का उल्लंघन माना है। इसके अलावा सेवा में गड़बड़ी और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मीडिया में लगातार खबरें सामने आ रही थीं। विभाग का कहना है कि कई बार स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद संस्था की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
नई व्यवस्था होने तक सेवा जारी रखने का निर्देश
इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति ने सम्मान फाउंडेशन के साथ किया गया एकरारनामा समाप्त करने का निर्णय लिया है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था लागू होने तक संस्था को 108 एंबुलेंस सेवा सुचारू रूप से जारी रखनी होगी, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।