Samachar Post रिपोर्टर,रामगढ़ :झारखंड के रामगढ़ में JEE Mains से ठीक पहले एक बड़े फर्जीवाड़े की साजिश का खुलासा हुआ है। आरोप है कि परीक्षा को प्रभावित करने के लिए कंप्यूटर लैब में घुसकर सिस्टम बदलने की तैयारी की जा रही थी। समय रहते मामला सामने आ गया, जिससे बड़ा घोटाला टल गया। रामगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मौके से करीब 70 कंप्यूटर, एक Toyota Fortuner गाड़ी और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
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लैब में घुसकर बदल रहे थे कंप्यूटर सिस्टम
घटना 29 मार्च की बताई जा रही है। आरोप है कि विश्वविद्यालय का तकनीशियन दिनेश कुमार महतो कुछ बाहरी लोगों के साथ मिलकर लैब में घुसा और कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ करने लगा। ये लोग खुद को TCS का कर्मचारी बताकर बिना अनुमति लैब में दाखिल हुए और मॉनिटर व CPU बदलने लगे।
कर्मचारी की सतर्कता से खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब विश्वविद्यालय के कर्मचारी ने लैब का दरवाजा खुला देखा। अंदर कुछ लोग कंप्यूटर खोलकर मॉनिटर बदल रहे थे। विरोध करने पर उन्हें धमकाने की भी कोशिश की गई, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। पूछताछ में आरोपियों ने खुद को TCS कर्मचारी बताया, लेकिन जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने कंपनी से संपर्क किया तो पता चला कि ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था। यहीं से फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
पैसों के लालच में रचा गया खेल
गिरफ्तार तकनीशियन ने कबूल किया कि उसे इस काम के लिए पैसे का लालच दिया गया था। योजना थी कि कुछ छात्रों को पास कराने के लिए कंप्यूटर सिस्टम में बदलाव कर खास सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जाए। जानकारी के मुताबिक हर मॉनिटर के बदले 10 हजार रुपये तय किए गए थे।
बड़े रैकेट के संकेत, जांच जारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले के तार बाहर के लोगों से जुड़े हो सकते हैं। 2 अप्रैल से शुरू होने वाली परीक्षा में सेटिंग कर मोटी रकम कमाने की योजना थी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
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