Samachar Post रिपोर्टर,गढ़वा :झारखंड के गढ़वा जिले में अभिभावकों ने लगातार शिकायतें दर्ज कराई थीं कि निजी स्कूल हर साल री-एडमिशन और किताब-कॉपी के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं। इन शिकायतों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्कूल को हर साल री-एडमिशन के नाम पर अलग से फीस लेने की अनुमति नहीं है। नियम तोड़ने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कई अभिभावकों ने शिकायत की थी कि स्कूल उन्हें विशेष दुकानों से किताबें खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया कि अभिभावक अपनी पसंद की दुकान से किताब खरीद सकते हैं, और स्कूल किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव नहीं डाल सकते।
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जांच टीम गठित, निगरानी तेज
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की है। टीम अलग-अलग स्कूलों में जाकर फीस और किताबों की व्यवस्था की जांच करेगी और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जिला प्रशासन ने सभी निजी स्कूलों को चेतावनी दी है कि वे नियमों का पालन करें। अभिभावकों से अपील की गई है कि अवैध वसूली की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता
इस कार्रवाई का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़ने देना है। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद है कि निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी।
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