- समाचार पोस्ट से खास बातचीत में उन्होंने कहा- सभी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और शिक्षा को बढ़ावा देना प्राथमिकता होगी
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने की जिम्मेदारी अब देश के प्रतिष्ठित फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता के हाथों में है। झारखंड के पहले स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पहले कुलपति के रूप में उनकी नियुक्ति को राज्य के मेडिकल सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। एम्स नई दिल्ली में फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख रहे डॉ. गुप्ता के पास तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने न सिर्फ हजारों मेडिकल छात्रों को प्रशिक्षित किया, बल्कि कई जटिल मामलों में फॉरेंसिक जांच के जरिए न्यायिक प्रक्रिया में भी अहम भूमिका निभाई है। भारत में वर्चुअल ऑटोप्सी की शुरुआत करने वाले अग्रणी विशेषज्ञों में भी उनका नाम शामिल है।
झारखंड में मेडिकल शिक्षा की अपार संभावनाएं
समाचार पोस्ट से खास बातचीत में डॉ. गुप्ता ने कहा कि झारखंड में मेडिकल शिक्षा की संभावनाएं काफी अधिक हैं, लेकिन अब तक यह विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों में बंटी हुई रही है। इससे गुणवत्ता और एकरूपता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी के गठन से अब सभी मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को एक समन्वित ढांचे में लाने का अवसर मिलेगा।
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सुपर स्पेशियलिटी और पारदर्शी सिस्टम प्राथमिकता
डॉ. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और शिक्षा को बढ़ावा देना होगी। इसके साथ ही एक मजबूत अकादमिक सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसमें सिलेबस, परीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होगी। फैकल्टी डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
रिसर्च और डिजिटल तकनीक पर जोर
उन्होंने बताया कि मेडिकल एजुकेशन को बेहतर बनाने के लिए सभी संस्थानों में एकरूपता लाने के साथ-साथ रिसर्च कल्चर को बढ़ावा देना जरूरी है। इसके लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का अधिक उपयोग किया जाएगा और छात्रों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से जोड़ा जाएगा। साथ ही यूजी और पीजी सीटों में वृद्धि के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखेगा असर
डॉ. गुप्ता के अनुसार, मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। बेहतर ट्रेनिंग और सुपर स्पेशियलिटी एक्सपोजर मिलने से डॉक्टरों की गुणवत्ता सुधरेगी, जिसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य सिर्फ डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे सक्षम डॉक्टर तैयार करना है जो समाज की जरूरतों के अनुरूप बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।