Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड समेत पूरे देश में आज ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चांद के दीदार के बाद 21 मार्च को ईद मनाने की आधिकारिक घोषणा होते ही मुस्लिम समुदाय में उत्साह की लहर दौड़ गई। चांद नजर आते ही रांची और आसपास के इलाकों में बाजारों की रौनक बढ़ गई। सेवई, लच्छा, कपड़े, जूते-चप्पल और इत्र की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली। घरों में भी त्योहार की तैयारियां जोरों पर रहीं, जहां महिलाएं पारंपरिक पकवान बनाने में जुटीं और पूरे माहौल में खुशबू और उत्साह फैल गया।
यह भी पढ़ें :सरहुल 2026: प्रकृति, संस्कृति और सूर्य-धरती के पवित्र मिलन का उत्सव
मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज की तैयारी
कोयलांचल क्षेत्र और आसपास के इलाकों में मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बथान टांड, बूटबेड़ा, सिरका, भदवा, लईयो, परेज, भेलगढ़ा, रहमत नगर और खिजूरिया समेत कई स्थानों पर तय समय पर नमाज अदा की जाएगी। लोग नए और साफ कपड़े पहनकर नमाज में शामिल होंगे।
भाईचारे और इंसानियत का संदेश
उलेमाओं ने लोगों से अपील की है कि ईद की खुशियों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए। जरूरतमंदों और गरीबों को इसमें शामिल करना इस त्योहार की असली भावना है। ईद हमें प्रेम, भाईचारा और इंसानियत का संदेश देती है। इस मौके पर उलेमाओं ने बताया कि इस्लाम में चांद का विशेष महत्व है, क्योंकि पूरा इस्लामी कैलेंडर इसी पर आधारित होता है। साथ ही फितरा (दान) देने की परंपरा पर भी जोर दिया गया, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति भी ईद की खुशी मना सके।
Reporter | Samachar Post