Samachar Post डेस्क, रांची : चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों का विशेष महत्व होता है। इन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है, जो तप, संयम और साधना का प्रतीक मानी जाती हैं।
कौन हैं मां ब्रह्मचारिणी?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए हजारों वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। इसी कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी और तपस्विनी कहा जाता है।
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क्यों खास है दूसरा दिन?
नवरात्रि का दूसरा दिन साधना, धैर्य और त्याग का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं और मन में सकारात्मकता आती है। साथ ही पढ़ाई, करियर और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप
मां ब्रह्मचारिणी का रूप अत्यंत सरल और शांत होता है। वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं और एक हाथ में जप माला तथा दूसरे हाथ में कमंडल रखती हैं। यह दोनों ही वस्तुएं ज्ञान, तपस्या और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक हैं।
क्या भोग लगाना शुभ है?
इस दिन मां को मिश्री का भोग लगाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति और जीवन में मिठास आने की मान्यता है। साथ ही पीले रंग के फल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।
पूजा विधि (कैसे करें पूजा)
सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। गंगाजल से पूजा स्थल को शुद्ध करें। मां को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) से स्नान कराएं। पीले फूल, फल और वस्त्र अर्पित करें। रोली-कुमकुम से तिलक कर दीपक और धूप जलाएं। मिष्ठान, बताशे और पान-सुपारी का भोग लगाएं। दुर्गा चालीसा और सप्तशती का पाठ करें। परिवार के साथ जयकारा लगाएं।
मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र
दधाना करपद्माभ्याम्, अक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि, ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।। ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः। मां ब्रह्मचारिणी की आरती जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए। उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने। रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर। आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना। ब्रह्मचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम। भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।