Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में बालू की उपलब्धता और कीमत को लेकर राहत की खबर है। राज्य के कुल 444 बालू घाटों में से 298 घाटों की नीलामी पूरी कर ली गई है, जबकि 146 घाटों पर प्रक्रिया अभी भी जारी है। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार को विभागीय अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नौ जिलों में अभी सभी बालू घाटों की बंदोबस्ती पूरी नहीं हो पाई है। इन जिलों के उपायुक्तों को नीलामी प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है।
अभी किन जिलों में नीलामी बाकी
देवघर, सरायकेला, पलामू, सिमडेगा, गढ़वा, चाईबासा, कोडरमा, गिरिडीह और लोहरदगा में कई घाटों की नीलामी अभी पूरी नहीं हुई है। वहीं, 15 जिलों में पूरी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। सबसे ज्यादा 72 बालू घाट देवघर में हैं, जबकि सबसे कम 5 घाट जमशेदपुर में हैं।
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बालू कब सस्ती होगी
नीलामी पूरी होने के बाद भी तुरंत उत्खनन शुरू नहीं होगा। निविदा लेने वालों को एनवायरमेंटल क्लियरेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, बालू का उत्खनन शुरू होगा और बाजार में सप्लाई बढ़ेगी। इससे कीमतों में गिरावट आने और लोगों को सस्ती बालू मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
अवैध कारोबार बनी चिंता
जहां टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, वहां चोरी-छिपे बालू का कारोबार जारी है, जो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। कुछ घाटों पर पहले टेंडर में कोई खरीदार नहीं आया या तकनीकी कारणों से प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। ऐसे घाटों के लिए अब री-टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम झारखंड में बालू की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और अवैध कारोबार रोकने में अहम साबित होगा।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।