Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल की एक सदस्य प्रियंका कुमारी पर गंभीर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में स्टेट फार्मेसी काउंसिल के निबंधक सह सचिव को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित सदस्य ने पूर्व निबंधक के रिश्तेदार के साथ मिलकर बड़ी संख्या में फर्जी निबंधन कराए। साथ ही कई लोगों के कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड बनाकर आवेदन कराने की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि परिषद के अभिलेखों और भुगतान विवरण की जांच से सच्चाई सामने आ सकती है।
प्रियंका कुमारी के शैक्षणिक योग्यता पर उठाए सवाल
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित सदस्य ने बी फार्मा की डिग्री फर्जी तरीके से हासिल की है। आवेदन में वर्ष 2019 में बी फार्मा पास करने का दावा किया गया, जबकि उसी अवधि में निजी औषधि प्रतिष्ठानों में कार्यरत होने का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि एक ही समय में पूर्णकालिक पढ़ाई और नौकरी कैसे संभव है।
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एक साथ दो पाठ्यक्रम करने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2015 से 2019 के बीच बी फार्मा करने का दावा किया गया, जबकि दूसरी ओर वर्ष 2016 में डी फार्मा कोर्स पूरा करने की बात सामने आती है। इसे लेकर भी गंभीर संदेह जताया गया है। शिकायतकर्ता ने सभी आरोपों के समर्थन में शपथ पत्र देने की बात भी कही है और परिषद से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।