Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में अब कान से जुड़ी बीमारियों की जांच के लिए अत्याधुनिक सुविधा शुरू हो गई है। कान-नाक-गला (ENT) विभाग में दो नई आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं, जिनकी मदद से मरीजों की सुनने की क्षमता और श्रवण तंत्रिका से जुड़ी समस्याओं का सटीक पता लगाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ उद्घाटन
इन नई जांच सुविधाओं का उद्घाटन रिम्स के निदेशक डॉ. राज कुमार ने किया। इस मौके पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हीरेंद्र बिरुआ, डॉ. संदीप कुमार और डॉ. जाहिद मुस्तफा खान समेत कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
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मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
डॉ. राज कुमार ने बताया कि पहले इस तरह की जांच सुविधा रिम्स में उपलब्ध नहीं थी, जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था। इससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। अब यह सुविधा यहीं उपलब्ध होने से मरीजों को सस्ती और बेहतर जांच मिल सकेगी।
बच्चों के लिए बेहद उपयोगी
ENT विभाग के डॉक्टरों के अनुसार यह जांच खासकर नवजात और छोटे बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे जन्मजात बहरापन या सुनने की समस्या का समय रहते पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज जल्दी शुरू किया जा सके।
गंभीर बीमारियों की भी पहचान
इस जांच तकनीक के जरिए कान से मस्तिष्क तक जाने वाली श्रवण तंत्रिका की कार्यप्रणाली का भी आकलन किया जा सकता है। इससे श्रवण तंत्रिका से जुड़े ट्यूमर, मस्तिष्क के निचले हिस्से की बीमारियों और अन्य जटिल समस्याओं की पहचान में मदद मिलेगी। रिम्स में इस आधुनिक सुविधा के शुरू होने से झारखंड के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें सुनने से जुड़ी बीमारियों के सटीक निदान के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और समय पर इलाज संभव हो सकेगा।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।